Dholpur: चंबल की रेत बनी ‘लाल सोना’... माफिया के खून-खेल पर सुप्रीम कोर्ट का शिकंजा
चंबल नदी के किनारों पर कुछ ऐसा हो रहा है, जिसने राजस्थान, एमपी और यूपी की नींद उड़ा दी है। ‘बजरी’ की इस खामोश जंग में अब सुप्रीम कोर्ट भी उतर चुका है—लेकिन असली खेल अभी बाकी है…
राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमाओं को जोड़ने वाली चंबल नदी इन दिनों किसी प्राकृतिक धरोहर से ज्यादा एक खतरनाक ‘रेड जोन’ बनती जा रही है। वजह है—बजरी, जिसे अब स्थानीय लोग ‘लाल सोना’ कहने लगे हैं।
यह वही रेत है जो निर्माण कार्यों के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन इसकी अवैध खनन ने पूरे इलाके को अपराध और खून-खराबे की जमीन बना दिया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि माफिया इस ‘सोने’ को पाने के लिए कानून और इंसानियत दोनों को कुचलने से नहीं हिचक रहे। हाल ही में मध्य प्रदेश के मुरैना में एक वनकर्मी की जान चली गई—और यही घटना पूरे सिस्टम को झकझोर गई।
सुप्रीम कोर्ट की एंट्री, सख्त संदेश