एल्विश यादव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मंगलवार को उनके फोन पर एक विदेशी नंबर से वॉट्सऐप कॉल आई थी। हालांकि वह कॉल रिसीव नहीं कर सके। कुछ देर बाद उसी नंबर से उन्हें एक धमकी भरा मैसेज मिला। मैसेज भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी रणदीप मलिक बताया। मैसेज में दो दिन के भीतर 10 करोड़ रुपये देने की मांग की गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उन्हें गोली मार दी जाएगी।
मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। एल्विश यादव के पिता को भी इसी तरह के धमकी भरे मैसेज भेजे गए। इसके बाद परिवार में डर और चिंता का माहौल बन गया।परिवार ने तुरंत गुरुग्राम के सेक्टर-56 थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कॉल और मैसेज कहां से भेजे गए और इसके पीछे कौन लोग हैं। साइबर टीम भी मामले की जांच में जुट गई है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि धमकी देने वालों का वास्तव में किसी गैंग से संबंध है या फिर किसी ने गैंग का नाम इस्तेमाल कर डर फैलाने की कोशिश की है।
पहले भी हो चुका है हमला
यह पहली बार नहीं है जब एल्विश यादव का नाम किसी गंभीर आपराधिक मामले में सामने आया हो। पिछले साल 17 अगस्त 2025 को उनके घर के बाहर बाइक सवार बदमाशों ने करीब 24 राउंड फायरिंग की थी। उस घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में फरीदाबाद निवासी इशांत, जतिन, गौरव और आदित्य के नाम सामने आए थे।
फिर बढ़ाई गई सुरक्षा
अब एक बार फिर रंगदारी और जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। एल्विश यादव और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।