हवाई यात्रियों के लिए सरकार का बड़ा फैसला; अब अचानक सस्ता होगा सफर या जेब पर गिरेगी बिजली?
जेट फ्यूल को लेकर सरकार एक ऐसी नई स्कीम लाई है जिसने एयरलाइंस कंपनियों के होश उड़ा दिए हैं। जानिए क्या अब आपकी फ्लाइट टिकट आधी कीमत पर मिलेगी या सफर करना सपना हो जाएगा?
नई दिल्ली: देश में हवाई सफर करने वाले यात्रियों और घाटे से जूझ रही घरेलू एयरलाइंस कंपनियों के लिए केंद्र सरकार एक नई राहत भरी योजना लेकर आई है। सरकार ने 'प्राइस स्टेबलाइजेशन स्कीम' (मूल्य स्थिरीकरण योजना) की शुरुआत की है। इस नई व्यवस्था के तहत अब घरेलू एयरलाइंस कंपनियां अगले तीन साल तक के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF यानी जेट ईंधन) की कीमतें फिक्स (तय) कर सकती हैं।
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर एयरलाइंस कंपनियों पर नहीं पड़ेगा।
फिक्स रेट चुनने पर कितना देना होगा दाम?
सरकारी फ्यूल रिटेलर्स ने हाल ही में जेट फ्यूल की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। नई व्यवस्था के तहत जो भी एयरलाइंस कंपनी इस स्वैच्छिक (ऑप्शनल) योजना को चुनेगी, उसे 3 साल के लॉक-इन पीरियड के दौरान 115 रुपये प्रति लीटर की तय कीमत चुकानी होगी। आपको बता दें कि इससे पहले यह तय कीमत 104.927 रुपये प्रति लीटर थी।