सोशल मीडिया पर इमरान खान की मौत की अफवाह: पाक सरकार चुप, बहनों ने लगाए गंभीर आरोप, जेल प्रशासन पर मुलाकात रोकने का इल्जाम
पाकिस्तान की अडीयाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से उनकी बहनों को एक साल से मिलने नहीं दिया जा रहा। मंगलवार रात जेल के बाहर शांतिपूर्ण धरने के दौरान पंजाब पुलिस ने महिलाओं पर लाठीचार्ज किया और 71 साल की नूरीन नियाजी को बालों से घसीटने का आरोप लगा। इसी बीच सोशल मीडिया पर इमरान खान की मौत की झूठी अफवाहें तेजी से फैलीं, लेकिन सरकार और जेल प्रशासन ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। हजारों समर्थक जेल के बाहर जमा हैं और तनाव बढ़ता जा रहा है।
रावलपिंडी/इस्लामाबाद, 26 नवंबर 2025: पाकिस्तान की राजनीति में तनाव चरम पर पहुंच गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, जो पिछले दो साल से अडीयाला जेल में बंद हैं, की मौत की अफवाहें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया हैंडल्स पर दावे किए जा रहे हैं कि इमरान खान को जेल के अंदर "रहस्यमय ढंग से मार दिया गया" है। इन अफवाहों के बीच पाकिस्तान सरकार और जेल प्रशासन ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे सवालों का सिलसिला और तेज हो गया है। इमरान की बहनों ने जेल प्रशासन पर मुलाकात न करने देने का आरोप लगाया है, जबकि पंजाब पुलिस पर महिलाओं के साथ बदसलूकी और लाठीचार्ज का इल्जाम लगाया गया है। हजारों समर्थक जेल के बाहर जमा हो गए हैं, और रात भर धरना-प्रदर्शन जारी रहा।
एक साल से चली आ रही जेल प्रशासन की जिद: बहनों को मुलाकात का मौका नहीं इमरान खान की तीनों बहनें—अलीमा खान, नूरिन नियाजी (71 वर्षीय) और डॉ. उजमा खान—पिछले एक साल से लगातार अडीयाला जेल जाकर अपने भाई से मिलने की कोशिश कर रही हैं। कोर्ट के आदेश के बावजूद जेल प्रशासन हर बार "सुरक्षा कारणों" का हवाला देकर मुलाकात को रोक देता है। पिछले एक महीने से तो कोई भी फैमिली मेंबर या वकील इमरान से मिल नहीं पाया है। पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) नेताओं का दावा है कि इमरान को "एकांत कारावास" (सोलिटरी कंफाइनमेंट) में रखा गया है, जहां उन्हें "डेथ सेल" जैसी स्थिति में रखा गया है। खैबर-पختूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी सात बार मुलाकात की कोशिश की, लेकिन जेल अधिकारियों ने इनकार कर दिया। बहनों का कहना है कि यह सब सेना के एक अधिकारी के इशारे पर हो रहा है।मंगलवार रात को यह तनाव और भड़क गया। बहनों ने पीटीआई कार्यकर्ताओं के साथ जेल के बाहर धरना शुरू कर दिया। अलीमा खान ने कहा, "अगर मुलाकात नहीं होगी, तो हम यहां रात-दिन बैठे रहेंगे। हमें घसीट लो या मार डालो, लेकिन हम हटेंगे नहीं।" धरना शांतिपूर्ण था, लेकिन रात करीब 10 बजे पंजाब पुलिस ने अचानक स्ट्रीट लाइट्स बंद कर दीं और पानी की सप्लाई रोक दी। उसके बाद लाठीचार्ज शुरू हो गया। बहनों और महिलाओं कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसाई गईं।
