ट्रम्प का दावोस में बड़ा भाषण: ग्रीनलैंड विवाद के बीच दुनिया को संबोधित करेंगे, 7 भारतीय उद्योगपतियों से मुलाकात संभव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF 2026) में भाषण देंगे, जहां ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की उनकी नीति पर वैश्विक तनाव चरम पर है। ट्रम्प ने डेनमार्क के इस क्षेत्र पर दबाव बनाने के लिए यूरोपीय सहयोगियों पर 10% टैरिफ की धमकी दी है, जिससे NATO और ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में गहरा संकट पैदा हो गया है। भाषण के बाद वे उच्चस्तरीय रिसेप्शन की मेजबानी करेंगे, जिसमें भारत के 7 प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात संभव है। दावोस में अमेरिका की सबसे बड़ी टीम मौजूद है, और पूरी दुनिया उनकी ग्रीनलैंड पॉलिसी पर नजर रखे हुए है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
January 21, 2026 • 6:42 PM  272
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ट्रम्प का दावोस में बड़ा भाषण: ग्रीनलैंड विवाद के बीच दुनिया को संबोधित करेंगे, 7 भारतीय उद्योगपतियों से मुलाकात संभव
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ट्रम्प का दावोस में बड़ा भाषण: ग्रीनलैंड विवाद के बीच दुनिया को संबोधित करेंगे, 7 भारतीय उद्योगपतियों से मुलाकात संभव

स्विट्जरलैंड के प्रसिद्ध हिल स्टेशन दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज (21 जनवरी 2026) एक महत्वपूर्ण भाषण देने वाले हैं। यह भाषण ऐसे समय में हो रहा है जब ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। ट्रम्प की ग्रीनलैंड नीति, टैरिफ धमकियां और आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी दावे पूरी दुनिया की नजरों में हैं।

ग्रीनलैंड विवाद: ट्रम्प की नीति और बढ़ता तनाव

ट्रम्प ने हाल के दिनों में बार-बार ग्रीनलैंड (जो डेनमार्क का सेमी-ऑटोनॉमस टेरिटरी है) को अमेरिका में शामिल करने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्कटिक में रणनीतिक महत्व और संसाधनों के लिहाज से इसे "जरूरी" बताया है। ट्रम्प ने यूरोपीय सहयोगियों पर दबाव बनाने के लिए कई NATO सदस्य देशों पर 10% टैरिफ लगाने की धमकी दी है, अगर वे उनके प्रस्ताव का समर्थन नहीं करते।इस मुद्दे पर यूरोपीय नेता एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोग स्पष्ट रूप से अमेरिकी अधिग्रहण के खिलाफ हैं। फ्रांस, कनाडा और EU के प्रमुख नेताओं ने दावोस में ट्रम्प की नीतियों की आलोचना की है, इसे NATO के लिए खतरा और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है। ट्रम्प ने टैरिफ के अलावा अन्य "टूल्स" का इस्तेमाल करने से भी इनकार नहीं किया, जिससे बाजारों में हलचल मची हुई है और यूरोपीय-अमेरिकी संबंधों में गहरा दरार आया है।ट्रम्प का यह भाषण दावोस में सबसे ज्यादा चर्चित रहेगा, क्योंकि इसमें वे ग्रीनलैंड पर अपनी पॉलिसी को और स्पष्ट कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रम्प "अमेरिका फर्स्ट" एजेंडे के साथ बोलेंगे, जिसमें ग्रीनलैंड, ट्रेड, टैरिफ और वेस्टर्न हेमिस्फियर पर फोकस हो सकता है।

दावोस में अमेरिका की भव्य मौजूदगी

ट्रम्प इस बार WEF में अब तक की सबसे बड़ी अमेरिकी टीम लेकर आए हैं, जिसमें पांच कैबिनेट मंत्री शामिल हैं। पहली बार अमेरिका के लिए एक अलग 'USA हाउस' बनाया गया है, जहां विभिन्न मीटिंग्स और इवेंट्स होंगे।ट्रम्प के भाषण के बाद वे एक उच्चस्तरीय रिसेप्शन की मेजबानी करेंगे, जिसमें ग्लोबल बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित किया गया है। खास बात यह है कि इसमें भारत के 7 प्रमुख उद्योगपतियों को विशेष निमंत्रण मिला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विप्रो, इंफोसिस जैसे बड़े ग्रुप्स के CEO इस रिसेप्शन में शामिल हो सकते हैं। यह मुलाकात भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और ट्रेड, इन्वेस्टमेंट पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

WEF 2026: वैश्विक स्तर पर भव्य आयोजन

इस साल 130 से ज्यादा देशों के 3,000+ प्रतिनिधि शामिल हैं।इनमें 1,700+ कारोबारी (जिनमें आधे से ज्यादा CEO या चेयरमैन), 400+ राजनीतिक नेता, 30+ विदेश मंत्री, 60+ वित्त मंत्री और 30+ व्यापार मंत्री शामिल हैं।कम से कम 64 देशों के राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख मौजूद हैं।भारत से चार केंद्रीय मंत्री, छह राज्यों के मुख्यमंत्री और 100+ भारतीय कारोबारी भाग ले रहे हैं।इसके अलावा, पाकिस्तान पहली बार दावोस में 'सूफी नाइट' आयोजित कर रहा है, जिसमें सिंधु घाटी के पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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