मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने की अनुमति देने के बदले एक निजी तेल टैंकर कंपनी से करीब 20 लाख डॉलर (लगभग 17 करोड़ रुपए) वसूले हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संबंधित जहाज किस देश का था।
‘सुरक्षित कॉरिडोर’ बनाकर वसूली का आरोप
शिपिंग डेटा और वैश्विक समुद्री रिपोर्ट देने वाली Lloyd’s List के अनुसार, ईरान ने अपने समुद्री क्षेत्र में एक विशेष ‘सुरक्षित रास्ता’ तैयार किया है। इस कॉरिडोर से केवल उन्हीं जहाजों को गुजरने दिया जा रहा है, जिन्हें पहले से मंजूरी दी जाती है।बताया जा रहा है कि इस अनुमति के बदले जहाजों से शुल्क या टैक्स लिया जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग इंडस्ट्री में चिंता बढ़ गई है।
कई देश कर रहे सीधे संपर्क
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत, पाकिस्तान, इराक, मलेशिया और चीन जैसे देश अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सीधे ईरान से बातचीत कर रहे हैं।ईरान की सेना की प्रमुख इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इसके लिए एक विशेष रजिस्ट्रेशन सिस्टम भी शुरू किया है। इस सिस्टम के तहत पंजीकृत जहाजों को ही ‘सुरक्षित मार्ग’ दिया जाता है।
22 भारतीय जहाज फंसे
भारत के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के 22 जहाज अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्र में फंसे हुए हैं।भारत सरकार इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान से लगातार बातचीत कर रही है।बताया गया है कि भारत का एक गैस टैंकर ईरान के लारक द्वीप के पास से गुजरते हुए ईरानी जलक्षेत्र में गया, जहां उसकी पहचान की जांच की गई। अब तक कुल 9 जहाज इस ‘सुरक्षित कॉरिडोर’ से गुजर चुके हैं।
जंग के बीच सैन्य तनाव भी बढ़ा
इसी बीच, Islamic Revolutionary Guard Corps ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी F-35 Lightning II फाइटर जेट को निशाना बनाकर उसे नुकसान पहुंचाया है। IRGC ने इस हमले का एक वीडियो भी जारी किया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।वहीं U.S. Central Command ने स्वीकार किया कि एक F-35 जेट को मिशन के दौरान इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि जेट को कितना नुकसान हुआ और वह किस देश में उतारा गया।
वैश्विक व्यापार पर असर की आशंका
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस सप्लाई होती है। ऐसे में यहां बढ़ते तनाव और ‘सुरक्षित मार्ग’ के नाम पर वसूली के आरोप वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सप्लाई पर बड़ा असर डाल सकते हैं।