जयपुर में सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान: सुसाइड नोट में गंभीर आरोप - "मैं मरा नहीं हूं, पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है"
जयपुर के महेश नगर में निलंबित व्याख्याता मनोहर लाल भादू (35) ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उन्होंने एसओजी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए कि उन्हें गलत तरीके से मामलों में फंसाया गया, पैसे मांगे गए और चार्जशीट में नाम जोड़े गए। उन्होंने लिखा - "मैं मरा नहीं हूं, पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है।" शव ट्रैक पर 3 घंटे पड़ा रहा, तीन ट्रेनें गुजरीं। वे जालोर के सांचौर के रहने वाले थे और सस्पेंशन के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। पुलिस जांच कर रही है।
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सुर्खियां बटोरी हैं। यहां महेश नगर इलाके में एक निलंबित (सस्पेंड) लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने अपनी मौत से पहले एक सुसाइड नोट लिखा और अपने दोस्तों को भेज दिया, जिसमें उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नोट में स्पष्ट लिखा है - "मैं मरा नहीं हूं, पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है।"
मृतक की पहचान मनोहर लाल भादू (35 वर्ष) के रूप में हुई है। वे मूल रूप से जालोर जिले के सांचौर के खारा गांव के निवासी थे। उनके तीन बच्चे हैं, जो गांव में पत्नी के साथ रहते हैं। मनोहर लाल लंबे समय से शिक्षा विभाग में व्याख्याता (लेक्चरर) के पद पर कार्यरत थे, लेकिन कुछ वर्ष पहले सस्पेंड होने के बाद वे जयपुर के महेश नगर इलाके में किराए के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे।