वो मंदिर जहां 'साहूकार' बनकर गजानन खुद देते थे भक्तों को उधार, कहानी सुनकर उड़ जाएंगे होश!

झीलों की नगरी उदयपुर में स्थित बोहरा गणेश मंदिर अपने चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि एक समय में यहां भगवान गणेश साहूकार की तरह अपने भक्तों को उधार पैसा देते थे। जानिए इस अनूठे मंदिर का इतिहास और परंपराएं।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor
September 14, 2026 • 12:01 PM  38
राजस्थान
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वो मंदिर जहां 'साहूकार' बनकर गजानन खुद देते थे भक्तों को उधार, कहानी सुनकर उड़ जाएंगे होश!
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14 Sep 2026
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वो मंदिर जहां 'साहूकार' बनकर गजानन खुद देते थे भक्तों को उधार, कहानी सुनकर उड़ जाएंगे होश!

राजस्थान का मेवाड़ अंचल न सिर्फ अपने शौर्य बल्कि आस्था और चमत्कारों की अनगिनत कहानियों के लिए भी जाना जाता है। झीलों की नगरी उदयपुर में एक ऐसा ही अद्भुत और चमत्कारी मंदिर स्थित है, जो देश के बाकी गणेश मंदिरों से बिल्कुल अलग है। हम बात कर रहे हैं शहर के प्रसिद्ध 'बोहरा गणेश मंदिर' की। यहां विराजमान विघ्नहर्ता न सिर्फ भक्तों के कष्ट हरते हैं, बल्कि एक समय में वे साहूकार बनकर लोगों की आर्थिक मदद भी किया करते थे।

क्यों पड़ा 'बोहरा गणेश' नाम?

मेवाड़ में प्राचीन काल में जो लोग ब्याज पर पैसा उधार देने का व्यवसाय करते थे, उन्हें 'बोहरा' कहा जाता था। मंदिर के पुजारी लोकेश जोशी बताते हैं कि पुराने समय में जब भी किसी गरीब या जरूरतमंद को शादी-ब्याह, व्यापार या किसी अन्य काम के लिए पैसों की किल्लत होती थी, तो वह भगवान गणेश की शरण में आता था। बप्पा साहूकार (बोहरा) की तरह अपने भक्तों के सुख-दुख में काम आते थे, इसलिए उनका नाम 'बोहरा गणेश' पड़ गया।

yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor

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