चारधाम यात्रा से लौट रहे जैसलमेर के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, सात दिन बाद मां-बेटी के शव बरामद...

उत्तराखंड के देवप्रयाग में अलकनंदा नदी में गिरी जैसलमेर के एक परिवार की कार हादसे के सात दिन बाद लापता मां और दो बेटियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम ने कठिन परिस्थितियों में सर्च ऑपरेशन चलाकर शवों को खोज निकाला। आज हरिद्वार में अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
June 9, 2026 • 12:03 PM  24
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चारधाम यात्रा से लौट रहे जैसलमेर के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, सात दिन बाद मां-बेटी के शव बरामद...
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चारधाम यात्रा से लौट रहे जैसलमेर के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, सात दिन बाद मां-बेटी के शव बरामद...

जैसलमेर/देवप्रयाग। चारधाम यात्रा पर निकले राजस्थान के जैसलमेर जिले के एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब उनकी इनोवा कार उत्तराखंड के देवप्रयाग में अलकनंदा नदी में समा गई। हादसे के सात दिन बाद राहत और बचाव दल को बड़ी सफलता मिली और लापता मां तथा उनकी दो बेटियों के शव बरामद कर लिए गए। इससे पहले एक बेटी का शव रविवार को मिल चुका था। सभी मृतकों का अंतिम संस्कार मंगलवार को हरिद्वार में किया जाएगा।

यह दर्दनाक हादसा 2 जून को उस समय हुआ था, जब परिवार बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर लौट रहा था। दुर्घटना के बाद कई सदस्य नदी में बह गए थे, जिनकी तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था।

चारधाम यात्रा से लौटते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, जैसलमेर निवासी परिवार 26 मई को चारधाम यात्रा के लिए रवाना हुआ था। परिवार ने बद्रीनाथ धाम के दर्शन किए और 2 जून को वापसी के दौरान टिहरी जिले के देवप्रयाग क्षेत्र में उनकी इनोवा कार अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में गिर गई।

कार में डॉक्टर दिनेश माली, उनकी मां कमला देवी, बड़ी बहन गुड्डी देवी, भांजी अश्लेषा, भांजा आयुष्मान और गुड्डी देवी की दोनों बेटियां नम्रता और ज्योत्सना सवार थीं। हादसे में अधिकांश सदस्यों की मौत हो गई, जबकि 12 वर्षीय आयुष्मान चमत्कारिक रूप से जीवित बच गया। उसका इलाज ऋषिकेश स्थित एम्स में जारी है।

सात दिन तक चला सर्च ऑपरेशन

हादसे के बाद से ही एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और गोताखोरों की टीम लगातार नदी में लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई थी। गंगा और अलकनंदा नदी के तेज बहाव, बढ़े हुए जलस्तर और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीम ने अभियान जारी रखा।

रविवार को सबसे पहले 15 वर्षीय ज्योत्सना का शव देवप्रयाग से करीब 15 किलोमीटर दूर व्यास घाट क्षेत्र से बरामद किया गया। इसके बाद सोमवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान गुड्डी देवी का शव भी व्यास घाट के पास मिला, जबकि बड़ी बेटी नम्रता का शव ताज होटल के समीप गंगा नदी से बरामद किया गया।

चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मिला सफलता

देवप्रयाग के कोतवाल प्रशांत बहुगुणा के अनुसार, नदी का तेज बहाव और गहराई बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बने हुए थे। इसके बावजूद एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने लगातार डीप डाइविंग अभियान चलाकर तीनों शवों को खोज निकाला।

अधिकारियों ने बताया कि सभी शवों की पहचान और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है।

परिवार में पसरा मातम

इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। एक धार्मिक यात्रा पर निकला परिवार कुछ ही दिनों में एक बड़े हादसे का शिकार हो गया। जैसलमेर से पहुंचे परिजनों ने शवों की शिनाख्त की और उन्हें अपने कब्जे में लिया।

मृतकों का अंतिम संस्कार मंगलवार को हरिद्वार में किया जाएगा। वहीं परिवार के एकमात्र जीवित बचे सदस्य आयुष्मान के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।

पूरे क्षेत्र में शोक की लहर

जैसलमेर में इस हादसे की खबर से शोक की लहर है। स्थानीय लोगों और परिचितों ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। सात दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद शवों के मिलने से परिजनों को अंतिम संस्कार करने का अवसर मिला, लेकिन परिवार पर टूटा यह दुख लंबे समय तक लोगों को झकझोरता रहेगा।

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