ना रनवे, ना पायलट... फिर भी इस सरकारी स्कूल में उड़ रही 'एजुकेशन एयरलाइन'! जानें पूरा मामला।

राजस्थान के अलवर जिले के इंदरगढ़ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ने पढ़ाई को रोचक और डिजिटल बनाने के लिए हवाई जहाज के आकार का स्मार्ट क्लासरूम तैयार किया है। 'एजुकेशन एयरलाइन' नाम की इस पहल से स्कूल में छात्रों की उपस्थिति और नए नामांकनों में भारी इजाफा हुआ है।

kratika Jethwani
kratika Jethwani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
August 17, 2026 • 5:36 PM | अलवर 48
Last Edited By:yashaswani (2 months ago)
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ना रनवे, ना पायलट... फिर भी इस सरकारी स्कूल में उड़ रही 'एजुकेशन एयरलाइन'! जानें पूरा मामला।
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ना रनवे, ना पायलट... फिर भी इस सरकारी स्कूल में उड़ रही 'एजुकेशन एयरलाइन'! जानें पूरा मामला।

सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर और बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए राजस्थान के अलवर जिले से एक बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। जिले के इंदरगढ़ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ने छात्रों के लिए हवाई जहाज के आकार का एक अनूठा स्मार्ट क्लासरूम तैयार किया है, जिसे 'एजुकेशन एयरलाइन' नाम दिया गया है।

विमान जैसी क्लास, डिजिटल पढ़ाई

इस अनूठी कक्षा को पूरी तरह से डिजिटल सुविधाओं और स्मार्ट बोर्ड से लैस किया गया है। इसका बाहरी और भीतरी ढांचा हूबहू एक हवाई जहाज जैसा दिखता है, जिससे बच्चों को क्लास में बैठते ही एक अलग और रोमांचक अनुभव मिलता है।

स्कूल के छात्रों का कहना है कि यदि किसी दिन कोई शिक्षक अनुपस्थित या व्यस्त रहते हैं, तो वे खुद इस क्लास में जाकर डिजिटल स्क्रीन पर अपने पसंदीदा विषय और टॉपिक चुनकर पढ़ाई जारी रखते हैं।

नामांकन और उपस्थिति में उछाल

स्कूल की प्रधानाचार्य पुष्पा मीणा ने बताया कि जब से यह 'एरोप्लेन क्लास' बनी है, बच्चों में पढ़ाई और स्कूल आने को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। बच्चों का स्कूल में ठहराव बढ़ा है, वे नियमित रूप से आ रहे हैं और नए सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है।

सहगल फाउंडेशन के सहयोग से हुआ कायाकल्प

सरकारी स्कूल की बुनियादी सुविधाओं को सुधारने और बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) सहगल फाउंडेशन ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

फाउंडेशन के संयोजक अंकित ओझा के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को एक सुरक्षित, आधुनिक और डिजिटल माहौल देना था ताकि वे तकनीक के साथ कदमताल कर सकें और खेल-खेल में बेहतर शिक्षा हासिल कर सकें।

kratika Jethwani

kratika Jethwani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor

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