यूनिवर्सिटी भर्ती घोटाले में बड़ा एक्शन: चहेतों को 49 नंबर, योग्य उम्मीदवारों को सिर्फ 10; पूर्व VC प्रो. देवस्वरूप हटाए गए
राजस्थान यूनिवर्सिटी में 294 सहायक आचार्य भर्ती में भारी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि इंटरव्यू में चहेते अभ्यर्थियों को मनमाने तरीके से ज्यादा नंबर दिए गए, जबकि योग्य उम्मीदवारों को कम अंक देकर बाहर कर दिया गया। मामले में कार्रवाई करते हुए राज्यपाल ने पूर्व VC प्रो. देवस्वरूप को पद से हटा दिया है।
राजस्थान यूनिवर्सिटी में साल 2011-12 और 2013-14 के दौरान हुई 294 सहायक आचार्य (असिस्टेंट प्रोफेसर) भर्ती अब बड़े विवाद और कार्रवाई का कारण बन गई है। भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और पक्षपात के आरोपों की जांच के बाद राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने बड़ा फैसला लेते हुए बाबा आमटे दिव्यांग यूनिवर्सिटी के कुलगुरु और विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलगुरु प्रो. देवस्वरूप को पद से हटा दिया है।
जांच रिपोर्ट में भर्ती प्रक्रिया के दौरान इंटरव्यू अंकों में बड़े स्तर पर हेरफेर और चहेते अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने की बात सामने आई है।
इंटरव्यू में नंबरों का खेल, योग्य उम्मीदवार बाहर
पूरे मामले की शुरुआत भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत से हुई थी। शिकायतकर्ता डॉ. प्रेमलता सिंगारिया ने आरोप लगाया था कि बेहतर शैक्षणिक रिकॉर्ड और शोध कार्य होने के बावजूद उन्हें इंटरव्यू में बेहद कम अंक दिए गए।