पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी की भाजपा संगठन में वापसी: राजस्थान किसान मोर्चा की कमान फिर सौंपी गई
राजस्थान भाजपा ने पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी को दूसरी बार किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। 2024 लोकसभा चुनाव में बाड़मेर सीट हारने के बावजूद पार्टी ने उन पर भरोसा कायम रखा। यह नियुक्ति संगठन को मजबूत करने और किसान वर्ग में पहुंच बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। अन्य मोर्चों में भी नए अध्यक्षों की घोषणा की गई।
जयपुर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राजस्थान में अपने विभिन्न मोर्चों की संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी ने सोमवार (29 दिसंबर 2025) को छह प्रमुख मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा की, जिसमें पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी को राजस्थान भाजपा किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह कैलाश चौधरी के लिए इस पद की दूसरी पारी है। इससे पहले वे 2013 से 2017 तक इसी मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में की गई इन नियुक्तियों से पार्टी का फोकस विभिन्न वर्गों, विशेषकर किसान समुदाय, तक अपनी पहुंच मजबूत करने पर है। लोकसभा चुनाव 2024 में हार के बावजूद कैलाश चौधरी पर पार्टी का भरोसा कायम रहना यह दर्शाता है कि भाजपा अपने अनुभवी नेताओं को संगठन में सक्रिय भूमिका देकर जमीनी स्तर पर मजबूती लाना चाहती है।
अन्य मोर्चों की नियुक्तियां भाजपा ने एक साथ छह मोर्चों के अध्यक्षों की घोषणा की है:युवा मोर्चा: शंकर लाल गौरा,अनुसूचित जाति (एससी) मोर्चा: पूर्व सांसद निहालचंद मेघवाल,अनुसूचित जनजाति (एसटी) मोर्चा: गोपीचंद मीणा,ओबीसी मोर्चा: महेंद्र कुमावत,किसान मोर्चा: कैलाश चौधरी,अल्पसंख्यक मोर्चा: हामिद खान मेवाती।ये नियुक्तियां पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और विभिन्न सामाजिक वर्गों में पैठ बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही हैं। आने वाले समय में स्थानीय निकाय चुनावों या अन्य राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए इन मोर्चों की सक्रियता महत्वपूर्ण होगी।