खुशियों पर ग्रहण बेटे के कुआं पूजन निमंत्रण बांटने निकले पुलिसकर्मी की रहस्यमयी मौत.

बेटे के कुआं पूजन की खुशियां मातम में बदलीं! डीग (भरतपुर) के हेड कॉन्स्टेबल ताम्रध्वज (40) निमंत्रण बांटने निकले, लेकिन 20 किमी दूर भानपुर मोड़ के कुएं में उनका शव मिला। बाइक गायब, जेब में चाबी। पुलिस की जांच तेज, परिवार में कोहराम। क्या हादसा या साजिश? रहस्य गहराया।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
October 25, 2025 • 4:38 PM  22
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खुशियों पर ग्रहण बेटे के कुआं पूजन निमंत्रण बांटने निकले पुलिसकर्मी की रहस्यमयी मौत.
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खुशियों पर ग्रहण बेटे के कुआं पूजन निमंत्रण बांटने निकले पुलिसकर्मी की रहस्यमयी मौत.

डीग (भरतपुर), 25 अक्टूबर 2025: राजस्थान के भरतपुर जिले के डीग क्षेत्र में एक ऐसी त्रासदी घटी है, जो किसी के भी कलेजे को चीर देगी। बेटे के कुआं पूजन की तैयारियों में जुटे एक समर्पित पुलिसकर्मी की जिंदगी अचानक थम गई। हेड कॉन्स्टेबल ताम्रध्वज (40 वर्ष) शुक्रवार सुबह निमंत्रण कार्ड बांटने निकले थे, लेकिन शनिवार की सुबह उनका शव 20 किलोमीटर दूर एक कुएं में तैरता मिला। जेब में बाइक की चाबी तो थी, लेकिन उनकी बाइक का कहीं सुराग नहीं।

क्या यह दुर्घटना थी या कोई षड्यंत्र?

 पुलिस की जांच तेज हो गई है, जबकि परिवार का आंसुओं का सैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा।घटना का पूरा विवरण: निमंत्रण की खुशी से मौत की दहशत तकघटना डीग के नगर थाना इलाके के भानपुर मोड़ की है। ताम्रध्वज कठूमर गांव के निवासी थे और डीग पुलिस लाइन में तैनात थे। उनके जीवन में खुशियां लौट रही थीं। दो दिन बाद, यानी 27 अक्टूबर को उनके घर भागवत कथा का शुभारंभ होने वाला था, और ठीक 3 नवंबर को उनके 8 वर्षीय बेटे दिव्यांश का कुआं पूजन निर्धारित था। यह एक पारंपरिक हिंदू रिवाज है, जहां परिवार नई फसल और समृद्धि के प्रतीक के रूप में कुआं पूजन करता है। ताम्रध्वज इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए जोशोखरोश से तैयारियां कर रहे थे।शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे वे घर से निकले। पिता राम अवतार मीणा ने बताया, "बेटा बोला था कि रिश्तेदारों और अपने स्टाफ वालों को निमंत्रण देने जा रहा हूं। शाम तक कार्ड बांटकर लौट आऊंगा।" ताम्रध्वज ने शाम 6 बजे फोन पर पिता को बताया कि वे बेढम गांव में हैं और देर रात तक घर पहुंच जाएंगे। लेकिन रात भर कोई खबर न मिलने पर परिवार चिंतित हो गया। सुबह 9:30 बजे अचानक पुलिस का फोन आया- बेटे का शव कुएं में मिल गया है।परिजनों के मुताबिक, ताम्रध्वज भानपुर में भी अपने रिश्तेदारों के घर निमंत्रण देने पहुंचे थे। वहां उन्होंने कार्ड बांटे, लेकिन उसके बाद क्या हुआ, किसी को नहीं पता। शनिवार सुबह भानपुर मोड़ के पास से गुजर रहे एक ग्रामीण को कुएं में तैरता शव दिखाई दिया। दुर्गंध फैलने लगी थी। ग्रामीणों ने तुरंत नगर थाना पुलिस को सूचना दी।

पुलिस की तत्परता: शव बरामदगी से जांच तक

नगर थानाधिकारी राम भरोसी मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला गया। जैसे ही शव की तलाशी ली गई, तो पहचान हो गई- यह डीग पुलिस लाइन के हेड कॉन्स्टेबल ताम्रध्वज थे। उनकी जेब से निमंत्रण कार्ड, मोबाइल और बाइक की चाबी बरामद हुई, लेकिन बाइक का कहीं अता-पता नहीं। थानाधिकारी ने बताया, "शव की पहचान तुरंत हो गई क्योंकि वे हमारे ही विभाग में थे। परिजनों को सूचना देकर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।"घटना की गंभीरता को भांपते हुए एएसपी अखलेश शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम बुलाई, जो साक्ष्य संग्रह में जुट गई। आसपास के इलाकों में पूछताछ शुरू हो गई है। पुलिस को शक है कि यह संदिग्ध मौत हो सकती है, क्योंकि कुएं के पास कोई वाहन या संघर्ष के निशान नहीं मिले। बाइक की तलाश के लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं। प्रारंभिक जांच में डूबने का कारण बताया जा रहा है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

परिवार का दर्द: इकलौते भाई की विदाई में कोहराम

ताम्रध्वज के घर में अब सन्नाटा पसर गया है। पिता राम अवतार (65 वर्ष) टूट चुके हैं। उन्होंने बताया, "मेरा इकलौता बेटा था। चार बहनों का सहारा था। सभी बहनों की शादी हो चुकी है। ताम्रध्वज की पत्नी, 8 माह की बेटी और 8 वर्षीय बेटा अब अकेले रह गए।" खबर मिलते ही मां, पिता, पत्नी और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घर में भागवत कथा और कुआं पूजन की तैयारियां अब अंतिम संस्कार की तैयारी में बदल गईं। पड़ोसी और रिश्तेदार सांत्वना देने पहुंच रहे हैं, लेकिन दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा।ताम्रध्वज एक मेहनती और परिवारप्रिय व्यक्ति थे। पुलिस विभाग में 15 वर्षों से सेवा दे रहे थे। वे हमेशा समुदाय सेवा में आगे रहते थे। 

संदिग्ध परिस्थितियां: क्या छिपा है सच?

कई सवाल पुलिस के सामने खड़े हो गए हैं। ताम्रध्वज ने आखिरी कॉल बेढम गांव से किया था, जो भानपुर से महज कुछ किलोमीटर दूर है। फिर कुएं तक कैसे पहुंचे? बाइक क्यों गायब है? क्या वे किसी विवाद में फंस गए? या फिर सड़क हादसे के बाद कुएं में गिर पड़े? स्थानीय लोगों का कहना है कि भानपुर मोड़ पर रात के समय आवागमन कम होता है, लेकिन अंधेरा होने से खतरा रहता है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है, जिसमें CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन का भी सहारा लिया जा रहा है।यह घटना न सिर्फ एक परिवार की जिंदगी उजाड़ गई, बल्कि पूरे डीग क्षेत्र में सनसनी फैला दी। 

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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