लक्ष्मणगढ़ में BJP मंडल अध्यक्ष को जबरन जहर पिलाने का सनसनीखेज मामला: एक महीना बीतने के बावजूद पुलिस के हाथ खाली, 50 से अधिक CCTV फुटेज की जांच बेनतीजा
सीकर के लक्ष्मणगढ़ में भाजपा मंडल अध्यक्ष ललित पवार को 29 अक्टूबर को दो बाइक सवारों ने बहला-फुसलाकर सुनसान जगह ले जाकर जबरन जहर पिलाने व कार तोड़ने की कोशिश की। एक महीने बाद भी पुलिस को कोई संदिग्ध नहीं मिला, 50+ CCTV फुटेज की जांच बेनतीजा रही।
सीकर, 5 दिसंबर 2025: राजस्थान के सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में एक महीने पूर्व हुई एक रहस्यमयी घटना ने स्थानीय पुलिस को अभी तक उलझन में डाल रखा है। भाजपा के लक्ष्मणगढ़ मंडल अध्यक्ष ललित पवार को कथित तौर पर दो अज्ञात बाइक सवारों द्वारा जबरन जहर पिलाने की कोशिश का मामला अब भी अनसुलझा है। घटना के 37 दिनों बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग या संदिग्ध नहीं मिला है। जांच के दौरान 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की छानबीन की गई, लेकिन कोई क्लू नहीं मिला। यह मामला न केवल राजनीतिक हलकों में बल्कि पूरे इलाके में सनसनी फैलाने वाला है, क्योंकि पीड़ित एक प्रमुख स्थानीय नेता हैं।
घटना का पूरा विवरण: एक सामान्य दिन जो बदला खतरनाक मोड़ घटना 29 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब 1 बजे की है। ललित पवार, जो लक्ष्मणगढ़ में भाजपा के सक्रिय मंडल अध्यक्ष के रूप में जाने जाते हैं, अपनी 10 वर्षीय बेटी को स्कूल टिफिन देने के लिए लक्ष्मणगढ़ स्थित भारतीय स्कूल पहुंचे थे। पवार ने बताया कि वे हमेशा की तरह बेटी से मिलने और टिफिन देने के इरादे से गए थे। स्कूल में 10 से 15 मिनट रुकने के बाद वे अपनी कार से वापस लौटने लगे। तभी सड़क पर दो बाइक सवार युवक अचानक उनकी कार को रुकाने के लिए इशारा करने लगे।पवार ने शुरुआत में सोचा कि शायद ये उनके परिचित हैं या कोई स्थानीय व्यक्ति कोई जरूरी बात बताने आया है। बिना ज्यादा सोचे-समझे वे कार से उतरे और दोनों युवकों के साथ चले गए। दोनों ने उन्हें "हमीरपुर वाली जमीन देख लो" कहकर बहलाया। हमीरपुर क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ के निकट एक ग्रामीण इलाका है, जहां जमीन विवाद के मामले आम हैं। पवार ने बाद में पुलिस को बताया कि उन्हें लगा कि ये कोई जमीन संबंधी पुराना मामला हो सकता है, इसलिए वे सतर्कता बरते बिना उनके साथ हो लिए।लगभग 2 किलोमीटर दूर एक सुनसान जगह पर पहुंचते ही साजिश का पर्दाफाश हो गया। वहां पहले से कोई नहीं था, लेकिन थोड़ी ही देर में एक अन्य बाइक पर दो युवक आ धमके। इनमें से एक ने तुरंत पवार की कार पर हथौड़े जैसे औजार से हमला बोल दिया और कार के शीशे तोड़ने की कोशिश की। दूसरे ने पवार को पकड़ लिया और जबरन उनके मुंह में कोई जहरीला पदार्थ डालने का प्रयास किया। पवार ने किसी तरह छटपटाते हुए खुद को बचाया और चिल्लाना शुरू कर दिया। हमलावरों को शोर सुनकर भागना पड़ा। पवार ने तुरंत आसपास के लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचकर इलाज कराया, जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उनके शरीर में जहर का असर हुआ था, लेकिन समय रहते उपचार से जान बच गई।पवार ने अस्पताल से ही पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में जहर को कोई रासायनिक पदार्थ बताया गया, जो घातक साबित हो सकता था। पवार की हालत अब स्थिर है, लेकिन वे मानसिक रूप से आहत हैं। उन्होंने कहा, "मैंने कभी सोचा नहीं था कि एक सामान्य दिन मेरी जिंदगी पर बन आएगा। ये लोग कौन थे? हमीरपुर वाली जमीन का बहाना क्यों? ये सवाल मुझे रातों को सोने नहीं दे रहे।"