किसान के बेटे मयंक पुरोहित बने IAS, UPSC में 33वीं रैंक हासिल कर बढ़ाया फलोदी और राजस्थान का मान...

राजस्थान के फलोदी के रहने वाले मयंक पुरोहित ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 33वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया। किसान परिवार से आने वाले मयंक इससे पहले आईएफएस में भी ऑल इंडिया 7वीं रैंक हासिल कर चुके हैं। उनकी सफलता से फलोदी और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और यह युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा बन गई है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
March 7, 2026 • 11:36 AM  29
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राजस्थान
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किसान के बेटे मयंक पुरोहित बने IAS, UPSC में 33वीं रैंक हासिल कर बढ़ाया फलोदी और राजस्थान का मान...
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7 Mar 2026
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किसान के बेटे मयंक पुरोहित बने IAS, UPSC में 33वीं रैंक हासिल कर बढ़ाया फलोदी और राजस्थान का मान...

फलोदी। राजस्थान के फलोदी शहर के होनहार युवा मयंक पुरोहित ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 33वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना साकार कर लिया है। किसान परिवार से आने वाले मयंक की इस बड़ी उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लगन के दम पर देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं तक पहुंचा जा सकता है।

किसान परिवार से निकलकर हासिल किया बड़ा मुकाम

मयंक पुरोहित का परिवार खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है। उनके पिता ममसा पुरोहित एक किसान हैं और दादा अर्जुनलाल पुरोहित समाजसेवा से जुड़े रहे हैं। बचपन से ही मयंक ने अपने पिता को खेतों में कड़ी मेहनत करते देखा, जिसने उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। इसी प्रेरणा से उन्होंने पढ़ाई को अपना लक्ष्य बनाया और हर चुनौती का सामना करते हुए सफलता की राह पर आगे बढ़ते रहे।

पहले IFS में भी हासिल की थी बड़ी सफलता

मयंक पुरोहित इससे पहले भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। उन्होंने इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) की परीक्षा में ऑल इंडिया 7वीं रैंक हासिल कर जिले के पहले आईएफएस अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया था। उस समय भी उन्होंने साफ कहा था कि उनका अंतिम लक्ष्य आईएएस बनना है और वे इसके लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे। अब उन्होंने यूपीएससी में 33वीं रैंक हासिल कर अपना यह सपना भी पूरा कर लिया है।

फलोदी को मिला दूसरा IAS अधिकारी

मयंक पुरोहित की सफलता फलोदी शहर के लिए भी बेहद खास मानी जा रही है। पुष्करणा समाज से इससे पहले केवल एस.एन. थानवी आईएएस अधिकारी बने थे, जिन्होंने मुख्य गृह सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं। अब मयंक पुरोहित के आईएएस बनने से फलोदी को दूसरा आईएएस अधिकारी मिल गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।

जीवन में आई दोहरी खुशियां

मयंक पुरोहित के जीवन में यह सफलता दोहरी खुशियां लेकर आई है। हाल ही में 10 फरवरी को उनका विवाह हुआ था और इसके कुछ ही दिनों बाद यूपीएससी का परिणाम घोषित हुआ, जिसमें उनका चयन आईएएस के लिए हो गया। इस खबर के बाद परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।

युवाओं के लिए बने प्रेरणा

मयंक पुरोहित की सफलता आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो छोटे शहरों या साधारण परिवारों से आते हैं और बड़े सपने देखते हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत सच्ची हो और हौसला मजबूत हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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