"मदन राठौड़ का जोधपुर दौरा: संवेदनाओं से लेकर सियासी तंज तक"

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ जोधपुर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने रेल मंत्री के पिता के निधन, विमान हादसे और सड़क दुर्घटना पर शोक जताया। 'उदयपुर फाइल' फिल्म विवाद पर तटस्थ रुख रखा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार को सौंपी। महाराष्ट्र में भाषाई हिंसा पर सख्त कार्रवाई की मांग की। एसआई भर्ती में निष्पक्षता पर जोर दिया। गहलोत के 'पंडित' बयान पर तंज कसा और कांग्रेस के संगठन विस्तार पर चुटकी ली।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 9, 2025 • 4:42 PM  65
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9 Jul 2025
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"मदन राठौड़ का जोधपुर दौरा: संवेदनाओं से लेकर सियासी तंज तक"

जोधपुर: राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ बुधवार को जोधपुर के अल्प प्रवास पर पहुंचे। सर्किट हाउस में भाजपा पदाधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। पत्रकारों से रूबरू होते हुए राठौड़ ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की, जिसमें संवेदनाएं, सियासी तंज और सामाजिक मुद्दों पर सख्त रुख शामिल रहा।

हादसों पर गहरी संवेदना 

राठौड़ ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता के निधन पर शोक जताया। साथ ही, राजस्थान में हाल ही में हुए विमान हादसे में पायलट और को-पायलट की मृत्यु और बस-ट्रक दुर्घटना में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, "ये दुखद घटनाएं दिल को झकझोर देने वाली हैं।

"'उदयपुर फाइल' पर तटस्थ रुख, कानून-व्यवस्था पर जोर 

'उदयपुर फाइल' फिल्म से जुड़े विवाद पर राठौड़ ने सधी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "संविधान हर किसी को फिल्म बनाने और कोर्ट जाने का अधिकार देता है। इसे राजनीति से जोड़ना गलत है।" उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी विरोध की स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

महाराष्ट्र में भाषाई हिंसा पर सख्ती की मांग 

महाराष्ट्र में भाषा के आधार पर मारपीट की घटनाओं पर राठौड़ ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, "भाषा संवाद का सेतु है, न कि विवाद का कारण। मूक-बधिर भी इशारों से संवाद करते हैं, फिर भाषा पर झगड़ा क्यों?" उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बात की और ऐसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

SI भर्ती विवाद: 'न निर्दोष को सजा, न दोषी को छूट' 

एसआई भर्ती से जुड़े सवाल पर राठौड़ ने निष्पक्षता की वकालत की। उन्होंने कहा, "जो मेहनत और ईमानदारी से चुना गया, उसका हक कोई नहीं छीन सकता। एक भी निर्दोष को सजा नहीं मिलनी चाहिए, और दोषी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।" उनका यह बयान भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को रेखांकित करता है।

गहलोत पर तीखा हमला, पायलट को याद दिलाया 

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को 'पंडित' कहने पर राठौड़ ने तंज कसा। उन्होंने कहा, "पंडित विद्वान का प्रतीक है। भजन लाल जी पंडित थे, हैं और रहेंगे।" साथ ही गहलोत को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "गहलोत ने तो सचिन पायलट को नकारा और निकम्मा तक कह दिया था।" यह बयान कांग्रेस के भीतर की सियासी खींचतान को उजागर करता है।

कांग्रेस के संगठन विस्तार पर चुटकी 

कांग्रेस के संगठन विस्तार की कोशिशों पर राठौड़ ने तंज भरे अंदाज में कहा, "हजूर, संगठन बनाने में बहुत देर कर दी। अगर कुछ सीखना हो तो हमारे पास आ जाइए, संगठन कैसे बनता है, बता देंगे!" यह बयान भाजपा की संगठनात्मक ताकत पर आत्मविश्वास और कांग्रेस पर कटाक्ष को दर्शाता है।सियासी गलियारों में चर्चा

मदन राठौड़ का यह दौरा और उनके बयानों ने जोधपुर ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान की सियासत में हलचल मचा दी है। संवेदनाओं से लेकर सियासी तंज और सामाजिक मुद्दों पर सख्त रुख के साथ राठौड़ ने एक बार फिर अपनी सक्रियता और नेतृत्व का लोहा मनवाया।

 

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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