नवजात को गोद में उठाए माता-पिता की जद्दोजहद, सड़कें-घर-घाट सब पानी में डूबे

7 जिलों में गंगा-यमुना की बाढ़ ने तबाही मचाई, घाट, सड़कें और मकान डूबे, लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 4, 2025 • 11:51 AM  164
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नवजात को गोद में उठाए माता-पिता की जद्दोजहद, सड़कें-घर-घाट सब पानी में डूबे
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नवजात को गोद में उठाए माता-पिता की जद्दोजहद, सड़कें-घर-घाट सब पानी में डूबे

संगम नगरी प्रयागराज इस समय अभूतपूर्व बाढ़ संकट से जूझ रही है। गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे शहर के घाट, सड़कें और रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए हैं। किला घाट से लेकर झूंसी तक का इलाका पानी में डूब चुका है, और अब यह पहचानना मुश्किल हो गया है कि कहां गंगा बह रही है और कहां यमुना। इस प्रलयकारी बाढ़ ने न केवल प्रयागराज, बल्कि उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

बाढ़ का भयावह मंजर: नवजात को बचाने की जद्दोजहद

प्रयागराज के बघाड़ा इलाके से एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसमें माता-पिता अपने नवजात बच्चे को हाथों में उठाकर कमर तक भरे पानी से गुजरते नजर आए। यह दृश्य बाढ़ की भयावहता को दर्शाता है, जहां लोग अपनी जान और अपनों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। बेला कछार, राजापुर, तेलियरगंज, सोनौटी और बघाड़ा जैसे निचले इलाके गंगा के रौद्र रूप की चपेट में हैं। रसूलाबाद घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुका है, और वहां बने मंदिर भी पानी में डूब गए हैं। संगम के पास स्थित प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर की दीवारों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है, जो इस संकट की गंभीरता को दर्शाता है।

17 जिलों में बाढ़ का कहर, यमुना और सहायक नदियां उफान पर

उत्तर प्रदेश के 17 जिले इस समय बाढ़ की मार झेल रहे हैं। प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, बलिया, गाजीपुर, आगरा, इटावा, औरैया, हमीरपुर, कानपुर देहात, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, बस्ती, अयोध्या, संत कबीर नगर और उन्नाव में बाढ़ ने तबाही मचाई है। यमुना की सहायक नदियां जैसे केन और बेतवा भी उफान पर हैं, जिससे बांदा और हमीरपुर जैसे जिलों में स्थिति और गंभीर हो गई है। फतेहपुर में यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, और जिले की तीनों तहसीलों में सड़कें और गांव पानी में डूब चुके हैं।

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