जयपुर में वो एक मुलाकात... और राजस्थान कांग्रेस में फिर मच गया हड़कंप!

राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी खींचतान की आहट से सियासी पारा चढ़ गया है। जयपुर पहुँचे समर्थकों द्वारा "अशोक गहलोत चौथी बार" के नारे लगाने पर प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भड़क उठे और उन्होंने पार्टी से ऊपर 'व्यक्तिवाद' करने वालों को खरी-खोटी सुना दी। मामले को तूल पकड़ता देख पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मोर्चा संभाला और सफ़ाई देते हुए कहा कि ना डोटासरा जी नाराज़ हैं और ना ही मैं—हम सब एकजुट हैं। हालाँकि, गहलोत के इस बयान के बाद भी यह सवाल बरकरार है कि क्या यह सिर्फ़ एक बयानबाज़ी है या राजस्थान कांग्रेस में पर्दे के पीछे वर्चस्व की कोई नई जंग छिड़ चुकी है?

TEAM KHATAK
TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor
August 1, 2026 • 1:38 PM  655
राजनीति
NEWS CARD
Logo
जयपुर में वो एक मुलाकात... और राजस्थान कांग्रेस में फिर मच गया हड़कंप!
“जयपुर में वो एक मुलाकात... और राजस्थान कांग्रेस में फिर मच गया हड़कंप!”
Favicon
Read more on thekhatak.com/s/1923ad
1 Aug 2026
https://thekhatak.com/s/1923ad
Google News
Copied
जयपुर में वो एक मुलाकात... और राजस्थान कांग्रेस में फिर मच गया हड़कंप!

जयपुर :राजस्थान की राजनीति में अगर 'कांग्रेस' और 'अंदरूनी खींचतान' की बात न हो, तो लगता है खबर अधूरी है। अमूमन जब भी पार्टी में कलह की बात आती थी, तो चेहरा गहलोत और पायलट का होता था। मगर इस बार सियासी बाज़ार में नई जोड़ी की चर्चा है—अशोक गहलोत बनाम गोविंद सिंह डोटासरा! मामला एक मुलाकात से शुरू हुआ और देखते ही देखते कांग्रेस के अंदरूनी बवंडर में बदल गया। लेकिन जब प्रदेश अध्यक्ष का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा, तो पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को खुद सफाई देने मैदान में उतरना पड़ा।

नारेबाज़ी पड़ी भारी, डोटासरा ने लगा दी क्लास

पूरी कहानी की शुरुआत हुई बांसवाड़ा-वागड़ के दिग्गज नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय की एक जयपुर यात्रा से। मालवीय अपने साथ सैकड़ों समर्थकों को लेकर जयपुर पहुंचे थे। यह काफिला सबसे पहले अशोक गहलोत के पास पहुंचा। वहां माहौल ऐसा बना कि समर्थकों ने खुलकर नारेबाज़ी शुरू कर दी— "अशोक गहलोत चौथी बार!" इसके बाद जब यही भीड़ प्रदेश कांग्रेस दफ़्तर पहुंची और गोविंद सिंह डोटासरा के सामने खड़ी हुई, तो डोटासरा का पारा चढ़ गया। उन्होंने मालवीय के सामने ही खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि "जो लोग पार्टी से ऊपर अपनी खुद की ब्रांडिंग करते हैं, उसी व्यक्तिवाद ने पहले कांग्रेस का नुकसान किया है।" डोटासरा का यह बयान आते ही सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया।

गहलोत बोले— 'मैं तो आने को मना कर रहा था...'

जब विवाद बढ़ा और मीडिया ने सवाल दागे, तो अशोक गहलोत ने माहौल को ठंडा करने की कोशिश की। उन्होंने बेहद सधे हुए अंदाज में कहा कि वे कार्यकर्ताओं को लगातार जयपुर आने से रोक रहे थे। गहलोत ने कहा, "मैं तो खुद कह रहा था कि 500 किलोमीटर की बस यात्रा करके जयपुर मत आओ, मैं खुद बांसवाड़ा आकर मिल लूंगा। लेकिन कार्यकर्ता जिद पर अड़े थे।" उन्होंने यह भी साफ किया कि वहां कोई पार्टी जॉइनिंग नहीं हो रही थी, कार्यकर्ता बस मिलने आए थे और उन्होंने डोटासरा जी से भी मिलने का वक्त लिया था।

TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter