ये कैसा सियासी गठजोड़? सोनिया गांधी के पैसों से चौहटन में चमकेगा BJP मंडल अध्यक्ष का नाम!

बाड़मेर के चौहटन विधानसभा क्षेत्र में राजनीति का दिलचस्प वाकया सामने आया है। यहां कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी के कोटे से स्वीकृत भवन का नाम भाजपा मंडल अध्यक्ष के पिता और भाई के नाम पर रखा गया है। जिला परिषद ने दी वित्तीय स्वीकृति।

yashaswani
yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
September 15, 2026 • 10:49 AM  1.9k
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राजस्थान
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ये कैसा सियासी गठजोड़? सोनिया गांधी के पैसों से चौहटन में चमकेगा BJP मंडल अध्यक्ष का नाम!
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15 Sep 2026
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ये कैसा सियासी गठजोड़? सोनिया गांधी के पैसों से चौहटन में चमकेगा BJP मंडल अध्यक्ष का नाम!

राजस्थान के बाड़मेर जिले की चौहटन विधानसभा क्षेत्र से राजनीति का एक बेहद दिलचस्प मामला सामने आया है। आमतौर पर कांग्रेस और भाजपा के बीच वैचारिक और सियासी लड़ाई जगजाहिर है, लेकिन चौहटन में विकास कार्यों के नाम पर एक ऐसा 'गठजोड़' देखने को मिला है जिसने सबको चौंका दिया है।

यहां कांग्रेस की शीर्ष नेता और सांसद सोनिया गांधी के सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास (MPLAD) कोटे से एक भवन निर्माण को स्वीकृति मिली है, लेकिन इस भवन का नाम चौहटन के वर्तमान भाजपा मंडल अध्यक्ष के पिता और भाई के नाम पर रखा जा रहा है।

जिला परिषद बाड़मेर ने जारी की वित्तीय स्वीकृति

जानकारी के अनुसार, इस भवन के निर्माण के लिए कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। बाड़मेर जिला परिषद की ओर से इस प्रोजेक्ट को विधिवत वित्तीय स्वीकृति (Financial Approval) भी प्रदान कर दी गई है। सरकारी नियमों के तहत सांसद कोटे की राशि जिला परिषद के माध्यम से ही खर्च की जाती है। जिला परिषद से हरी झंडी मिलने के बाद अब इस भवन के निर्माण का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है।

सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म

इस मामले के सामने आते ही चौहटन से लेकर बाड़मेर जिला मुख्यालय तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोग और राजनीतिक विश्लेषक हैरान हैं कि आखिर कांग्रेस की सबसे बड़ी नेता के सांसद कोटे का फंड एक भाजपा पदाधिकारी के परिजनों के नाम पर बनने वाले भवन के लिए कैसे आवंटित हो गया?

उठ रहे हैं ये बड़े सवाल:

  • क्या कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को इस बात की भनक नहीं थी कि यह प्रस्ताव किसके लिए जा रहा है?

  • क्या यह स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच आपसी 'राजनैतिक तालमेल' का नतीजा है?

  • कांग्रेस कार्यकर्ता इस मामले को लेकर अपने शीर्ष नेतृत्व को क्या जवाब देंगे?

पंचायत से लेकर संसद तक की राजनीति में ऐसे वाकये कम ही देखने को मिलते हैं, जहां दो धुर विरोधी विचारधाराओं का ऐसा संगम हो। फिलहाल, इस स्वीकृति के बाद दोनों ही पार्टियों (कांग्रेस और भाजपा) के स्थानीय नेताओं ने चुप्पी साधी हुई है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि इस खबर के सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस आलाकमान या स्थानीय पदाधिकारी इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor

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