4 इंच बारिश से लबालब हुआ दक्षिणी राजस्थान, अब इन 20 जिलों की बारी!

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने राजस्थान के 20 जिलों में 17 सितंबर तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी से उठे लो-प्रेशर सिस्टम के कारण दक्षिणी राजस्थान में भारी बारिश हो रही है, जबकि पश्चिमी राजस्थान (जैसलमेर) में सूखे और भीषण गर्मी के हालात हैं। पूरी मौसम रिपोर्ट पढ़ें।

yashaswani
yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
September 15, 2026 • 11:16 AM  1.5k
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4 इंच बारिश से लबालब हुआ दक्षिणी राजस्थान, अब इन 20 जिलों की बारी!
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4 इंच बारिश से लबालब हुआ दक्षिणी राजस्थान, अब इन 20 जिलों की बारी!

राजस्थान में मानसून का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर ने राज्य के कई हिस्सों में 17 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अलर्ट जारी किया है। आज भी प्रदेश के करीब 20 जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

दक्षिणी राजस्थान में लो-प्रेशर सिस्टम का असर, नदियां उफान पर

बंगाल की खाड़ी से उठा एक मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम वर्तमान में दक्षिणी राजस्थान और उससे सटे गुजरात व मध्य प्रदेश के इलाकों में सक्रिय है। इस सिस्टम का सबसे अधिक प्रभाव उदयपुर और कोटा संभाग में देखने को मिल रहा है।

उदयपुर संभाग में बीते दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान झालावाड़ के रायपुर में सर्वाधिक 75MM बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और राजसमंद में भी 21MM तक पानी बरसा है। इससे पहले बांसवाड़ा के लुहाड़ियां और डूंगरपुर के सागवाड़ा में 109-109MM की मूसलाधार बरसात दर्ज की गई थी, जिससे कई इलाकों में 4 इंच से ज्यादा पानी भर गया। इसके अलावा, सोमवार को सिरोही, प्रतापगढ़, जालौर, बारां, जयपुर, जोधपुर, पाली और अजमेर के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई।

मानसून ट्रफ के शिफ्ट होने से मिल रही नमी

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून ट्रफ अब दक्षिण की तरफ शिफ्ट हो गई है। यह ट्रफ लाइन गुजरात के नलिया से निकलकर लो-प्रेशर सिस्टम से होते हुए राजगढ़, दमोह, पेन्ड्रा रोड, राउरकेला और दीघा होते हुए सीधे बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। चूँकि लो-प्रेशर सिस्टम अभी गुजरात और दक्षिणी राजस्थान की सीमा के आसपास एक्टिव है और इसे अरब सागर से लगातार पर्याप्त नमी मिल रही है, इसलिए प्रदेश में अगले दो दिनों तक बारिश का यह सिलसिला जारी रहने की पूरी संभावना है।

पश्चिमी राजस्थान में सूखे की मार, जैसलमेर में पारा 40 के करीब

एक तरफ जहाँ प्रदेश का दक्षिणी हिस्सा बारिश से सराबोर है, वहीं पश्चिमी राजस्थान इस साल मानसून की बेरुखी झेल रहा है। इस क्षेत्र के अधिकांश जिलों में लगभग सूखे जैसे हालात बने हुए हैं।

सितंबर का दूसरा सप्ताह बीत जाने के बावजूद पश्चिमी राजस्थान में बारिश न के बराबर हुई है, जिसके चलते यहाँ का तापमान अब भी 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। हाल ही में प्रदेश का सबसे ज्यादा तापमान जैसलमेर में रिकॉर्ड किया गया। बारिश की कमी और तेज धूप के कारण यहाँ के किसानों और आम जनजीवन पर खासा असर पड़ रहा है।

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