चुनाव जीतने के अगले ही दिन निर्दलीय पार्षद का दुखद निधन, जश्न के बीच पसरा मातम

पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन में वार्ड-7 से चुनाव जीतने वाले निर्दलीय पार्षद अबरार खान मेव का मंगलवार सुबह हार्ट अटैक से निधन हो गया। उनके निधन से इलाके में शोक की लहर है और नगर पालिका में बोर्ड गठन का गणित भी उलझ गया है।

yashaswani
yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
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राजस्थान
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चुनाव जीतने के अगले ही दिन निर्दलीय पार्षद का दुखद निधन, जश्न के बीच पसरा मातम
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चुनाव जीतने के अगले ही दिन निर्दलीय पार्षद का दुखद निधन, जश्न के बीच पसरा मातम

चुनावी जीत का जश्न अभी ठीक से थमा भी नहीं था कि पाली जिले की मारवाड़ जंक्शन नगर पालिका से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। सोमवार को ही वार्ड संख्या 7 से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतने वाले पार्षद अबरार खान मेव (58) का मंगलवार सुबह अचानक निधन हो गया। जीत के महज 24 घंटे के भीतर हुई इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। अबरार खान के निधन से उनके समर्थकों और परिजनों के बीच पसरी खुशी पल भर में मातम में तब्दील हो गई।

सुबह चाय पीते समय अचानक बिगड़ी तबीयत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 8 बजे अबरार खान अपने घर पर थे और चुनाव जीतने पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ था। इसी दौरान चाय पीते वक्त उनके सीने में अचानक तेज दर्द उठा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजन उन्हें तुरंत मारवाड़ जंक्शन के राजकीय अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें पाली के ट्रॉमा सेंटर (बांगड़ हॉस्पिटल) रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर सुबह करीब 9 बजे पाली पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बोर्ड गठन के राजनीतिक समीकरणों में फंसा पेंच

अबरार खान के इस असामयिक निधन से न केवल एक अपूरणीय मानवीय क्षति हुई है, बल्कि मारवाड़ जंक्शन नगर पालिका में सत्ता के समीकरण भी पूरी तरह से बदल गए हैं। नगर पालिका में कुल 25 वार्ड हैं। सोमवार को आए चुनाव परिणामों में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने 11-11 वार्डों में जीत हासिल की थी, जबकि तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने कब्जा जमाया था।

बोर्ड बनाने के लिए दोनों ही प्रमुख दलों को निर्दलीयों के समर्थन की सख्त जरूरत है। ऐसे में अबरार खान की भूमिका किंगमेकर की हो सकती थी, लेकिन उनके निधन के बाद अब बोर्ड गठन का पूरा गणित उलझ गया है और राजनीतिक दलों को अपनी रणनीतियों पर नए सिरे से विचार करना होगा।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, क्षेत्र में शोक की लहर

जैसे ही पार्षद के निधन की खबर मारवाड़ जंक्शन पहुंची, पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। जो लोग कल तक उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर जीत की बधाइयां दे रहे थे, वे आज स्तब्ध और निशब्द रह गए। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि उनके परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। पाली ट्रॉमा सेंटर और उनके पैतृक निवास पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय निवासियों और साथी नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।

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