राजस्थान में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 2500 रुपये में बिक रहा: हॉस्टल-मैस में खाने का संकट, रेस्टोरेंट-ढाबे बंद होने के कगार पर
राजस्थान में मिडिल ईस्ट तनाव और सरकारी प्राथमिकता के कारण कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हो गई है। जयपुर में 1911 रुपये का सिलेंडर 2500 रुपये तक काले बाजार में बिक रहा है, जहां सप्लायर मनमानी वसूली कर रहे हैं। कोटा के 2000+ हॉस्टल-मैस में खाना बनाने का संकट गहरा गया, कई जगह किचन बंद हो गए। होटल-ढाबे बंद होने के कगार पर हैं, जबकि घरेलू गैस सप्लाई सामान्य बनी हुई है। केंद्र ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू कर गैस को 4 कैटेगरी में बांटा है, घरेलू और जरूरी सेक्टर को प्राथमिकता दी गई है।
राजस्थान में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर अचानक रोक और कमी के कारण गंभीर संकट पैदा हो गया है। जयपुर, कोटा सहित कई शहरों में कालाबाजारी चरम पर पहुंच गई है, जहां सामान्य रूप से 1800-1911 रुपये में मिलने वाला 19 किलो का कॉमर्शियल सिलेंडर अब 2500 रुपये तक में बिक रहा है। यह समस्या मिडिल ईस्ट (ईरान-इजराइल तनाव) से जुड़े वैश्विक गैस सप्लाई प्रभाव और घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देने के सरकारी फैसलों से उत्पन्न हुई है।
जयपुर में खुलेआम कालाबाजारी
जयपुर के त्रिवेणी नगर जैसे इलाकों में रेस्टोरेंट संचालकों ने शिकायत की है कि सप्लायर मनमानी कर रहे हैं। एक गैस एजेंसी की वैन से भास्कर रिपोर्टर के सामने ही रेस्टोरेंट ओनर को 700 रुपये ज्यादा में सिलेंडर दिया गया। सप्लायर का दावा है कि वे प्लांट से 2276 रुपये में खरीद रहे हैं, लेकिन बाजार में 2500 रुपये तक वसूली हो रही है। तेल कंपनियों ने नए कॉमर्शियल सिलेंडर ऑर्डर पर रोक लगा दी है, जिससे स्टॉक खत्म होने के बाद कालाबाजारी और बढ़ गई है। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे अब बंद होने की कगार पर हैं, क्योंकि खाना पकाने का मुख्य साधन प्रभावित है।