Rajasthan Monsoon 2026: 7 दिन की देरी से प्रदेश में मानसून की एंट्री, 16 जिलों में पहुंची बारिश; अगले 3 दिन बरसात का अलर्ट
राजस्थान में 7 दिन की देरी से मानसून ने दस्तक दे दी है। फिलहाल 16 जिले मानसून की चपेट में आ चुके हैं।
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 2, 2026 • 3:31 PM 1
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राजस्थान
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2 Jul 2026
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राजस्थान में आखिरकार मानसून ने दस्तक दे दी है। गुरुवार को 7 दिन की देरी से दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के रास्ते मानसून प्रदेश में प्रवेश कर गया। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मानसून ने 16 जिलों को कवर कर लिया है और आने वाले दिनों में इसके पूरे राज्य में फैलने की संभावना है।
मानसून के प्रवेश के साथ कई जिलों में बारिश शुरू हो गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को भीषण गर्मी व उमस से राहत मिली है।
इन 16 जिलों में पहुंचा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार मानसून फिलहाल झालावाड़, कोटा, बूंदी, भरतपुर, बारां, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा, जयपुर, टोंक, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा और अलवर तक पहुंच चुका है।
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। साथ ही शेष जिलों में भी जल्द मानसून के पहुंचने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
इस बार औसत से कम बारिश का अनुमान
हालांकि मानसून की एंट्री हो चुकी है, लेकिन इस वर्ष राज्य में सामान्य से कम वर्षा होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। विभाग के अनुसार इस सीजन बारिश औसत से लगभग 10 प्रतिशत या उससे कम रह सकती है। राजस्थान में 1 जून से 30 सितंबर तक के मानसून सीजन में औसतन 435.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज होती है।
17 साल के आंकड़ों में मानसून की तस्वीर
राजस्थान में वर्ष 2020 से मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 25 जून निर्धारित है। 2020 से 2026 के बीच केवल 2022 और 2026 में मानसून देरी से पहुंचा, जबकि अन्य वर्षों में समय पर या तय तारीख से पहले प्रवेश हुआ।
इससे पहले 2010 से 2019 के बीच निर्धारित तिथि 15 जून थी, लेकिन उस दशक में अधिकांश वर्षों में मानसून देरी से ही पहुंचा था।
पिछले साल बना था रिकॉर्ड
साल 2025 राजस्थान के लिए रिकॉर्डतोड़ मानसून वाला वर्ष रहा। पूरे सीजन में 715.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 64 प्रतिशत अधिक थी। यह पिछले 108 वर्षों में दूसरी सबसे अधिक वर्षा थी। राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने थे और बूंदी, कोटा, टोंक, बारां, दौसा तथा सवाई माधोपुर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल रहे।
अब भी 319 बांध सूखे
मानसून की शुरुआत के बावजूद प्रदेश के जलाशयों की स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। राजस्थान के 693 बांधों में से 319 बांध पूरी तरह सूखे हैं, जबकि 369 बांधों में आंशिक जलभराव है। केवल 5 बांध ऐसे हैं जो मानसून शुरू होने से पहले ही पूरी क्षमता के साथ भरे हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में होने वाली बारिश प्रदेश के जलाशयों, खेती और पेयजल व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
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