मृत किसानों के नाम पर करोड़ों की लूट! राजस्थान में फसल बीमा का 122 करोड़ का महाघोटाला सरसों को गेहूं बताकर ठगे गए हजारों किसान.
राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत 122 करोड़ से अधिक का महाघोटाला उजागर। मृत किसानों के नाम पर फर्जी पॉलिसी, सरसों को गेहूं बताकर फसल नुकसान दिखाया गया। पटवारी और बीमा एजेंटों की सांठगांठ से 1.7 लाख किसानों के नाम पर 30,000+ जाली क्लेम। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने जांच, एफआईआर और प्रभावितों को मुआवजा देने का ऐलान किया।
जोधपुर/जयपुर: राजस्थान के किसानों के साथ एक ऐसी ठगी का पर्दाफाश हुआ है, जो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के नाम पर मृत किसानों के नामों का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की बीमा राशि हड़प ली गई। सरसों की फसल को गेहूं बताकर फर्जी नुकसान की रिपोर्ट बनाई गईं, और पटवारी व बीमा कंपनी के एजेंटों ने मिलकर यह सारा खेल रचा। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने इस घोटाले को उजागर करते हुए कहा कि 122 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की आशंका है। पूरे प्रदेश में सैकड़ों किसानों की जमीनों पर फर्जी बंटाईदार गढ़े गए, और असली किसानों को भनक तक नहीं लगी। यह मामला न केवल किसानों के विश्वास को तोड़ रहा है, बल्कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
घोटाले का खुलासा: कैसे लगाई सेंध PMFBY में?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, जो किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान की भरपाई के लिए शुरू की गई थी, अब ठगों का अड्डा बन चुकी है। विभाग की जांच में सामने आया कि 32,000 दावा फॉर्मों की जांच में से 30,000 से ज्यादा फॉर्म जाली पाए गए। इनमें 1.7 लाख किसानों के नामों पर फर्जी क्लेम भरे गए। खासकर जोधपुर, फलोदी और आसपास के जिलों में यह खेल फला-फूला।