राजस्थान में विधायक निधि से विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशन मांगने के आरोप मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मांगी सदाचार समिति से जांच.

राजस्थान में विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA LAD Fund) से विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशन मांगने का बड़ा मामला सामने आया है। एक स्टिंग ऑपरेशन में भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा (खींवसर), कांग्रेस विधायक अनीता जाटव (हिंडौन) और निर्दलीय विधायक डॉ. ऋतु बनावत (बयाना) पर 40% तक कमीशन मांगने के आरोप लगे हैं। नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इसे लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए विधानसभा की सदाचार समिति से जांच और संबंधित पार्टियों से कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाई-लेवल जांच के आदेश दिए और संबंधित विधानसभा क्षेत्रों की MLA निधि फ्रीज कर दी गई है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
December 14, 2025 • 5:54 PM  20
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राजस्थान में विधायक निधि से विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशन मांगने के आरोप मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मांगी सदाचार समिति से जांच.
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14 Dec 2025
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राजस्थान में विधायक निधि से विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशन मांगने के आरोप मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मांगी सदाचार समिति से जांच.

जयपुर/जोधपुर :- राजस्थान में विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA LAD Fund) के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और क्लिप्स में तीन विधायकों पर विकास कार्यों की अनुशंसा करने के एवज में कमीशन (रिश्वत) मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। इन विधायकों की पहचान खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना से निर्दलीय विधायक डॉ. ऋतु बनावत के रूप में हुई है।यह खुलासा एक स्टिंग ऑपरेशन के जरिए हुआ, जिसमें एक अखबार के रिपोर्टर ने खुद को डमी ठेकेदार बताकर विधायकों से संपर्क किया। रिपोर्टर ने दावा किया कि उनकी फर्म खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से जुड़ी है और विधायक निधि से सरकारी स्कूलों में दरी-फर्श जैसे कार्य करवाने चाहते हैं। इस दौरान विधायकों ने कथित तौर पर 40% तक कमीशन की मांग की। कुछ मामलों में अनुशंसा पत्र भी जारी कर दिए गए। राजस्थान में हर विधायक को सालाना करीब 5 करोड़ रुपये की MLA निधि मिलती है, जिसका इस्तेमाल क्षेत्रीय विकास कार्यों के लिए होता है।इस मामले पर नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जोधपुर दौरे पर रविवार को सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दौरान मंत्री खर्रा ने कहा कि विधायकों द्वारा निधि जारी करने के बदले रिश्वत लेना भारतीय लोकतंत्र के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर तीन विधायकों से जुड़े वीडियो, फोटोग्राफ और क्लिप वायरल हो रहे हैं।मंत्री खर्रा ने राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति (Ethics Committee) से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने कहा, "समिति को सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं की जांच करनी चाहिए। यदि कोई विधायक दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई का प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा जाए। अध्यक्ष इसे सदन के सामने रखकर कार्रवाई करेंगे।"इसके अलावा, मंत्री ने संबंधित राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे अपने विधायकों के खिलाफ पार्टी स्तर पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी एक विधायक विधानसभा में प्रश्न लगाने, वापस लेने या उत्तर न मांगने के बदले रिश्वत लेते पकड़ा गया था, जो लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।मामले ने राजस्थान की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी इसे गंभीर बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई है। जांच एजेंसियां अब इन वीडियो की प्रमाणिकता और आरोपों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।यह मामला न केवल विधायकों की नैतिकता पर सवाल उठाता है, बल्कि विधायक निधि के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त नियमों की जरूरत को भी रेखांकित करता है।

 

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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