राजस्थान के नए DGP राजीव शर्मा ने बाड़मेर में सीमा सुरक्षा देखी, नशे पर सख्ती का ऐलान
राजस्थान के नए डीजीपी राजीव शर्मा ने बाड़मेर में सीमावर्ती सुरक्षा की समीक्षा की, नशीली दवाओं की तस्करी पर जीरो टॉलरेंस नीति और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने दलित और महिलाओं से संबंधित अपराधों में कमी की सराहना की।
राजस्थान के नव नियुक्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव शर्मा ने मंगलवार को बाड़मेर जिले में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत समीक्षा की। पाकिस्तान सीमा से सटे इस संवेदनशील जिले में पुलिस की निगरानी को और मजबूत बनाने पर जोर देते हुए डीजीपी शर्मा ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक भी की। उन्होंने बॉर्डर से सटे लगभग 100 गांवों की स्थिति का फीडबैक लिया और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए।
सीमावर्ती चुनौतियों पर पैनी नजर, ग्राउंड लेवल रिपोर्ट मांगी
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डीजीपी राजीव शर्मा ने कहा कि बाड़मेर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ी हुई हैं, इसलिए पुलिस की पैनी नजर हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने बॉर्डर गांवों की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत जानकारी एकत्र की और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से ग्राउंड लेवल की रिपोर्ट मांगी। इसके अलावा, लंबित प्रकरणों को जल्द से जल्द निपटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने जोर देकर कहा, "न्याय की प्रक्रिया में कोई देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
बाड़मेर जिला, जो पाकिस्तान सीमा से सटा हुआ है, हमेशा से सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील रहा है। यहां तस्करी, अवैध घुसपैठ और अन्य अपराधों की घटनाएं आम हैं। डीजीपी शर्मा की यह यात्रा स्थानीय पुलिस के मनोबल को बढ़ाने वाली मानी जा रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।