तबादला सूची में 24 ऐसे अधिकारी शामिल हैं, जो लंबे समय से APO यानी Awaiting Posting Order की स्थिति में थे। विभाग ने इन अधिकारियों को प्रदेश के अलग-अलग नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में आयुक्त, अधिशासी अधिकारी, राजस्व अधिकारी सहित विभिन्न पदों पर नियुक्त किया है।
नई पोस्टिंग मिलने के बाद संबंधित नगरीय निकायों में प्रशासनिक कामकाज को गति मिलने की उम्मीद है। वहीं जिन निकायों में अधिकारियों के पद रिक्त या लंबे समय से प्रभावित थे, वहां भी कामकाज सुचारू होने की संभावना है।
आयुक्त से लेकर राजस्व अधिकारी तक के तबादले
स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी आदेश में नगर पालिका सेवा के अलग-अलग स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इनमें वरिष्ठ आयुक्त, आयुक्त, अधिशासी अधिकारी और राजस्व अधिकारी स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।
विभाग ने प्रशासनिक जरूरतों और नगरीय निकायों में उपलब्ध पदों के आधार पर अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान पद से हटाकर दूसरे नगरीय निकायों में पदस्थापित किया गया है।
11 अधिकारियों को किया APO
इसी तबादला प्रक्रिया में 11 अधिकारियों को APO किया गया है। APO का मतलब Awaiting Posting Order यानी आगामी पदस्थापन आदेश तक प्रतीक्षा में रखा जाना है। इन अधिकारियों को वर्तमान जिम्मेदारी से हटाया गया है और अब विभाग की ओर से इनके अगले पदस्थापन आदेश जारी किए जा सकते हैं।
निकाय चुनाव से पहले तबादले क्यों अहम?
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच स्वायत्त शासन विभाग के इन प्रशासनिक बदलावों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में आयुक्त, अधिशासी अधिकारी और राजस्व अधिकारियों की भूमिका स्थानीय प्रशासन के लिहाज से अहम होती है।
ऐसे में चुनाव से पहले अधिकारियों की नई पोस्टिंग का असर नगरीय निकायों के प्रशासनिक कामकाज और चुनावी तैयारियों पर भी देखने को मिल सकता है। वहीं लंबे समय से APO चल रहे 24 अधिकारियों को पोस्टिंग मिलने से विभाग की लंबित प्रशासनिक व्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।