बाड़मेर में पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची पर घमासान, 171 वोटरों के नाम बदलने के आरोप से बढ़ा विवाद.

बाड़मेर जिले में पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। धनाऊ पंचायत समिति की नवगठित ग्राम पंचायत सदराम की बेरी के 171 मतदाताओं के नाम कथित रूप से हटाकर पड़ोसी ग्राम पंचायत जाणियों की बस्ती में जोड़ दिए गए। ग्रामीणों ने इसे अवैध कार्रवाई बताते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और मतदाताओं के नाम वापस मूल पंचायत में जोड़ने की मांग की है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
February 14, 2026 • 6:09 PM  111
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राजस्थान
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बाड़मेर में पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची पर घमासान, 171 वोटरों के नाम बदलने के आरोप से बढ़ा विवाद.
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बाड़मेर में पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची पर घमासान, 171 वोटरों के नाम बदलने के आरोप से बढ़ा विवाद.

राजस्थान के बाड़मेर जिले में पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। धनाऊ पंचायत समिति क्षेत्र की नवगठित ग्राम पंचायत सदराम की बेरी से जुड़े ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम बिना उचित प्रक्रिया अपनाए दूसरी पंचायत में स्थानांतरित कर दिए गए, जिससे स्थानीय स्तर पर आक्रोश फैल गया है।

क्या है पूरा मामला

ग्रामीणों के अनुसार, सदराम की बेरी ग्राम पंचायत के 171 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाकर पड़ोसी ग्राम पंचायत जाणियों की बस्ती (जागणियों की बस्ती) में जोड़ दिए गए। आरोप है कि जिन लोगों के नाम बदले गए हैं, उनके मकान, कृषि भूमि और स्थायी निवास अब भी सदराम की बेरी क्षेत्र में ही स्थित हैं।

बताया जा रहा है कि स्थानांतरित किए गए नामों में से:

129 मतदाताओं को जाणियों की बस्ती के वार्ड संख्या 5 में शामिल किया गया,

जबकि 42 मतदाताओं के नाम वार्ड संख्या 2 में दर्ज कर दिए गए।

ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रक्रिया बिना किसी पूर्व सूचना, आवेदन या सत्यापन के की गई, जो चुनावी नियमों और मताधिकार दोनों के खिलाफ है।

ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई को प्रशासनिक मनमानी बताते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव सुनियोजित तरीके से किया गया है। उनका दावा है कि पंचायत चुनाव को प्रभावित करने की नीयत से वोटरों का स्थानांतरण किया गया, जिससे चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।

ग्रामीणों ने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि किसी मतदाता का नाम बदलना होता है तो नियमानुसार आवेदन, जांच और सूचना की प्रक्रिया अनिवार्य होती है, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।

जिला प्रशासन तक पहुंचा मामला

विवाद बढ़ने के बाद ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने बाड़मेर जिला कलेक्टर को लिखित ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में प्रभावित मतदाताओं के क्रमांक और वार्डवार विवरण भी शामिल किए गए हैं, ताकि प्रशासन तथ्यात्मक जांच कर सके।

ग्रामीणों की मुख्य मांगें

मतदाता सूची में किए गए बदलाव की निष्पक्ष जांच हो

कथित रूप से गलत तरीके से जोड़े गए नामों को तत्काल हटाया जाए

सभी प्रभावित मतदाताओं को उनकी मूल पंचायत सदराम की बेरी में पुनः जोड़ा जाए

जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए

चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक संवेदनशीलता

पंचायत चुनाव नजदीक होने के कारण यह मामला और अधिक संवेदनशील बन गया है। स्थानीय स्तर पर इसे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जोड़कर देखा जा रहा है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो प्रशासन को मतदाता सूची में संशोधन करना पड़ सकता है, जिसका सीधा असर चुनावी समीकरणों पर पड़ेगा।

प्रशासन की संभावित कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन मामले की जांच के लिए संबंधित रिकॉर्ड और मतदाता सूची में हुए बदलावों की समीक्षा कर सकता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

फिलहाल ग्रामीण जांच और सुधार की मांग पर अड़े हुए हैं, जबकि सभी की नजर अब प्रशासनिक निर्णय पर टिकी हुई है, जो पंचायत चुनाव से पहले इस विवाद की दिशा तय करेगा।

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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