जोधपुर में 48 घंटे के भीतर दो गर्भवती महिलाओं की मौत, दोनों पाली से रेफर होकर एमडीएम अस्पताल पहुंची थीं
जोधपुर के मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल में पाली से रेफर होकर आई दो गर्भवती महिलाओं की 48 घंटे के भीतर इलाज के दौरान मौत हो गई। एक महिला के फेफड़ों में ट्यूमर था और उसे सांस लेने में दिक्कत थी, जबकि दूसरी महिला पीलिया, अत्यधिक रक्तस्राव और गर्भ में शिशु की मौत जैसी गंभीर जटिलताओं से जूझ रही थी। हाल के दिनों में जोधपुर में दो प्रसूताओं समेत कुल चार महिलाओं की मौत हो चुकी है।
जोधपुर। जोधपुर के मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल में पिछले 48 घंटे के दौरान पाली जिले से रेफर होकर आई दो गर्भवती महिलाओं की इलाज के दौरान मौत हो गई। दोनों महिलाओं की हालत अस्पताल पहुंचने से पहले ही बेहद गंभीर थी और उन्हें वेंटिलेटर पर रखकर उपचार दिया जा रहा था। एक महिला फेफड़ों में ट्यूमर और गंभीर श्वसन संबंधी समस्या से जूझ रही थी, जबकि दूसरी महिला पीलिया, अत्यधिक रक्तस्राव और गर्भ में शिशु की मौत जैसी जटिलताओं से पीड़ित थी।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बी.एस. जोधा के अनुसार पहली महिला चिड़िया लगभग पांच महीने की गर्भवती थी। उसे पाली से गंभीर हालत में जोधपुर रेफर किया गया था। अस्पताल पहुंचने पर उसे सांस लेने में अत्यधिक परेशानी हो रही थी और खांसी के साथ खून भी आ रहा था। जांच में उसके फेफड़ों में ट्यूमर होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने तुरंत उसे वेंटिलेटर पर रखकर इलाज शुरू किया, लेकिन लगातार प्रयासों के बावजूद 27 जुलाई की रात उसकी मौत हो गई।
दूसरी गर्भवती महिला फैंसी नौ महीने की गर्भवती थी। उसे 24 जुलाई को पाली से एमडीएम अस्पताल रेफर किया गया था। जांच में पता चला कि गर्भ में पल रहे शिशु की पहले ही मौत हो चुकी थी। महिला को पीलिया था और लगातार अत्यधिक रक्तस्राव भी हो रहा था। उसकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने वेंटिलेटर सपोर्ट के साथ खून और प्लाज्मा चढ़ाकर इलाज किया, लेकिन 28 जुलाई की देर रात उसने भी दम तोड़ दिया।