नेवी जवान का जन्मदिन बना अंतिम विदाई का दिन, पत्नी बोली- बेटी बुला रही है लौट आओ
झुंझुनू के सूरजगढ़ निवासी भारतीय नौसेना के जवान कुलदीप दिवाच की मुंबई में ड्यूटी पर जाते समय पेड़ गिरने से हुई दुर्घटना के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके जन्मदिन के दिन ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जहां 3 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई और पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पत्नी, मां और 18 माह की बेटी का भावुक दृश्य सभी की आंखें नम कर गया।
झुंझुनू। राजस्थान के झुंझुनू जिले में शुक्रवार का दिन हर किसी की आंखें नम कर गया। भारतीय नौसेना के जवान कुलदीप दिवाच (27) का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव घरडू (सूरजगढ़) पहुंचा तो पूरा गांव गम में डूब गया। जैसे ही तिरंगे में लिपटा शव घर पहुंचा, मां, पत्नी और बड़े भाई का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। 18 महीने की मासूम बेटी को पिता के अंतिम दर्शन के लिए लाया गया तो पत्नी बिलखते हुए बोलीं, "बेटी बुला रही है... लौट आओ।" यह कहते-कहते वह बेसुध हो गईं। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
सबसे मार्मिक संयोग यह रहा कि 10 जुलाई को कुलदीप का जन्मदिन था। इसी तारीख को उनका भारतीय नौसेना में चयन हुआ था और इसी दिन उनका अंतिम संस्कार भी हुआ।
3 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली