जिंदा कोबरा लेकर अस्पताल पहुंचा स्नेक कैचर, बोला- पहली बार सांप ने काटा, इलाज करो

पाली में 12-13 साल से सांपों का रेस्क्यू कर रहे स्नेक कैचर संजय वाल्मीकि को पहली बार कोबरा ने डस लिया। वह जिंदा कोबरा को डिब्बे में बंद कर सीधे बांगड़ अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। इसी दिन जिले में सांप काटने के दो अन्य मामले भी सामने आए, जिनमें एक महिला मजदूर और एक युवती का उपचार जारी है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 9, 2026 • 8:32 PM  1
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राजस्थान
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जिंदा कोबरा लेकर अस्पताल पहुंचा स्नेक कैचर, बोला- पहली बार सांप ने काटा, इलाज करो
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जिंदा कोबरा लेकर अस्पताल पहुंचा स्नेक कैचर, बोला- पहली बार सांप ने काटा, इलाज करो

पाली। राजस्थान के पाली जिले में गुरुवार को एक अनोखा नजारा देखने को मिला। यहां एक स्नेक कैचर अपने साथ जिंदा कोबरा लेकर सीधे बांगड़ अस्पताल पहुंच गया। करीब 4 फीट लंबा कोबरा डिब्बे के अंदर लगातार फुफकार मार रहा था, जिसे देखकर अस्पताल का स्टाफ और वहां मौजूद मरीज व परिजन घबरा गए। स्नेक कैचर ने डॉक्टरों से कहा कि वह पिछले 12-13 वर्षों से सांपों का रेस्क्यू कर रहा है, लेकिन पहली बार किसी सांप ने उसे काटा है, इसलिए तुरंत इलाज किया जाए।

घायल स्नेक कैचर की पहचान तख्तगढ़ निवासी संजय वाल्मीकि (40) के रूप में हुई है। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उनका इलाज शुरू किया और उन्हें बांगड़ अस्पताल के ओल्ड ICU में भर्ती कर लिया।

डिब्बे में बंद करते समय कोबरा ने डसा

संजय वाल्मीकि ने बताया कि बुधवार शाम उन्हें तख्तगढ़ के चौधरियों के मोहल्ले में एक घर में कोबरा निकलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर सांप पहले एक पाइप में छिपा हुआ था और बाद में निकलकर एक पत्थर के नीचे जा बैठा। काफी सावधानी से उसे पकड़ लिया गया, लेकिन जब उसे डिब्बे में बंद किया जा रहा था तभी कोबरा ने उनकी उंगली पर काट लिया।

संजय ने बताया कि सांप को सुरक्षित डिब्बे में बंद करने के बाद वह उसे अपने साथ लेकर इलाज के लिए सीधे बांगड़ अस्पताल पहुंचे, ताकि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर सांप की पहचान भी कर सकें।

12-13 साल में 10 हजार से ज्यादा सांपों का किया रेस्क्यू

संजय वाल्मीकि ने बताया कि वह पिछले 12-13 वर्षों से पाली, जालोर और आसपास के क्षेत्रों में सांपों का रेस्क्यू कर रहे हैं। अब तक वह करीब 10 हजार सांपों को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ चुके हैं। इतने लंबे अनुभव के बावजूद यह पहला मौका है जब किसी जहरीले सांप ने उन्हें काटा है।

अस्पताल में मचा हड़कंप

जब संजय हाथ में जिंदा कोबरा वाला डिब्बा लेकर अस्पताल पहुंचे तो डिब्बे के अंदर सांप लगातार फुफकार रहा था। इसे देखकर अस्पताल का स्टाफ, मरीज और उनके परिजन कुछ देर के लिए दहशत में आ गए। बाद में सांप को सुरक्षित रखा गया और डॉक्टरों ने स्नेक कैचर का इलाज शुरू किया।

एक ही दिन में सांप काटने के तीन मामले

पाली जिले में गुरुवार को सांप काटने के कई मामले सामने आए।

महिला मजदूर को सांप ने डसा: पाली शहर के उम्मेद मिल में काम करने वाली न्यू शक्ति नगर निवासी मंजू (39) लंच के बाद चबूतरे पर बैठी थीं। इसी दौरान पास के एक छोटे गड्ढे में छिपे सांप ने उनके पैर पर काट लिया। साथी मजदूर उन्हें तुरंत बांगड़ अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है।

बरामदे में सो रही महिला को काटा: पाली शहर के पास स्थित बूसी गांव निवासी राधिका (21) बुधवार रात बिजली जाने के बाद बरामदे में सो गई थीं। रात करीब 2 बजे उनके पैर पर सांप ने काट लिया। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार जारी है।

एक ही दिन में सामने आए इन मामलों के बाद लोगों से अपील की गई है कि सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने की कोशिश न करें और प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें। साथ ही, सांप के काटने पर बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार कराएं।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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