राजस्थान के गांवों में श्मशानों तक पहुंचने के लिए बनेंगे रास्ते, जमीन होगी आरक्षित; कलेक्टरों को सरकार के निर्देश
राजस्थान सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशान भूमि से जुड़े विवादों को खत्म करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब श्मशानों की जमीन को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा, उनका सीमांकन होगा, अतिक्रमण हटाया जाएगा और श्मशानों तक पहुंचने के लिए रास्ते विकसित किए जाएंगे। राजस्व विभाग ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
राजस्थान सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशान भूमि से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवादों के समाधान के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब गांवों में श्मशानों की जमीन का राजस्व रिकॉर्ड में विधिवत दर्ज किया जाएगा और वहां तक पहुंचने के लिए रास्तों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए राजस्व विभाग ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।
दरअसल, प्रदेश के कई गांवों में वर्षों से श्मशान तो संचालित हैं, लेकिन उनकी जमीन राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी) में दर्ज नहीं होने के कारण समय-समय पर अतिक्रमण, भूमि विवाद और अंतिम संस्कार के दौरान सामाजिक तनाव जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। सरकार ने इन समस्याओं को स्थायी रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की है।
ग्रामीण सेवा शिविरों में होगा रिकॉर्ड सुधार