99 लाख की सब्सिडी लौटाने वाले मंत्री... आखिर क्यों वापस करने पड़े पैसे?
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने खीरे की व्यावसायिक खेती के लिए मिली करीब 99 लाख रुपये की सरकारी सब्सिडी वापस कर दी है। संसद में सरकार ने बताया कि यह राशि संबंधित बैंक को लौटा दी गई है, जिसे अब राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) को भेजा जाएगा। यह मामला सब्सिडी मिलने के बाद उठे विवाद के कारण चर्चा में आया था। हालांकि मंत्री का कहना है कि उन्होंने योजना के लिए 2018 में, मंत्री बनने से पहले आवेदन किया था और पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत हुई थी।
करीब एक महीने पहले जिस मामले ने देश की राजनीति और कृषि जगत में हलचल मचा दी थी, अब उसी कहानी में नया मोड़ आ गया है। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने अपने खीरे की खेती के लिए मिली करीब 99 लाख रुपये की सरकारी सब्सिडी वापस कर दी है। यह जानकारी केंद्र सरकार ने संसद में दी है। सवाल अब सिर्फ सब्सिडी का नहीं, बल्कि उस फैसले का है जिसने पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है।
लोकसभा में सरकार की ओर से दिए गए लिखित जवाब में बताया गया कि भागीरथ चौधरी ने संबंधित बैंक को सब्सिडी की राशि लौटा दी है। इसके बाद बैंक को निर्देश दिए गए हैं कि यह राशि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) को वापस भेजी जाए।
यह पूरा मामला उस समय सामने आया था जब खुलासा हुआ कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रहते हुए भागीरथ चौधरी को उनके खीरे की व्यावसायिक खेती (Commercial Cucumber Farming) परियोजना के लिए लगभग 99 लाख रुपये की सब्सिडी मिली थी। यह सहायता मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) के तहत राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की योजना से दी गई थी, जो कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन संचालित होती है।