RAS अधिकारी की प्रोफेसर पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर 40 लाख रुपये ठगे...
अजमेर में एक आरएएस अधिकारी की प्रोफेसर पत्नी को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर 40 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने फर्जी कॉल के जरिए दावा किया कि उनके नाम से रजिस्टर्ड सिम से यौन उत्पीड़न के मैसेज भेजे जा रहे हैं। चार दिन तक दंपति को धमकाकर और वीडियो कॉल से निगरानी में रखकर ठगी की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें विदेशी सर्वर की भूमिका सामने आई। यह घटना साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को उजागर करती है।
अजमेर में एक सनसनीखेज डिजिटल अपराध का मामला सामने आया है, जिसमें एक राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) अधिकारी की पत्नी, जो पेशे से प्रोफेसर हैं, को साइबर ठगों ने निशाना बनाया। ठगों ने महिला को डिजिटल अरेस्ट में रखकर उनसे लाखों रुपये ठग लिए। इस मामले में ठगों ने दावा किया कि उनके नाम से रजिस्टर्ड सिम कार्ड का उपयोग यौन उत्पीड़न (सेक्शुअल हैरेसमेंट) से संबंधित मैसेज भेजने के लिए किया जा रहा है। यह घटना साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, जिसमें ठग सरकारी अधिकारियों और शिक्षित लोगों को भी आसानी से निशाना बना रहे हैं।
घटना का विवरण
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना अजमेर के सरस्वती नगर, धोलाभाटा क्षेत्र में रहने वाले 59 वर्षीय व्यवसायी एल्विस माइकल और उनकी 57 वर्षीय पत्नी पैगी माइकल के साथ हुई, जिनमें से पत्नी एक प्रोफेसर हैं। 15 जुलाई को पैगी के मोबाइल पर एक वीडियो कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन का अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग तस्करी जैसे गंभीर आरोपों में जांच चल रही है। ठग ने उन्हें सहयोग करने और किसी से संपर्क न करने या घर से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी।इसके बाद, एक अन्य नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को साइबर क्राइम विंग और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) का अधिकारी बताया। इस कॉलर ने दावा किया कि उनके नाम से रजिस्टर्ड सिम कार्ड का उपयोग यौन उत्पीड़न से संबंधित मैसेज भेजने और अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। ठगों ने दंपति को डराने के लिए कहा कि यदि वे जांच में सहयोग नहीं करेंगे, तो मुंबई पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए अजमेर पहुंच जाएगी और उनके पास उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।