तिरंगा: भारत की आन, बान और शान की कहानी

तिरंगा भारत की आजादी, एकता और बलिदान का प्रतीक है, जिसे पिंगली वेंकय्या ने डिजाइन किया और 1947 में इसे राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया। इसके रंग—भगवा, सफेद और हरा—साहस, शांति और समृद्धि को दर्शाते हैं।

Web Desk
Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 14, 2025 • 5:05 PM  47
भारत
NEWS CARD
Logo
तिरंगा: भारत की आन, बान और शान की कहानी
“तिरंगा: भारत की आन, बान और शान की कहानी”
Favicon
Read more on thekhatak.com
14 Aug 2025
https://thekhatak.com/tricolour-india-s-story-of-anna-anna-and-anna
Google News
Copied
तिरंगा: भारत की आन, बान और शान की कहानी

भारत का राष्ट्रीय ध्वज, जिसे हम प्यार से तिरंगा कहते हैं, सिर्फ तीन रंगों का एक कपड़ा नहीं है। यह आजादी की लड़ाई की यादें, बलिदान और एकता की भावना को समेटे हुए है। हर साल 15 अगस्त को जब हम इसे लहराते हैं, तो मन में एक अलग ही जोश भर जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह ध्वज कैसे बना? किसने इसे डिजाइन किया? और इसमें छिपे रंगों का क्या मतलब है? आइए, आज हम तिरंगे के इतिहास की परतें खोलते हैं, जैसे कोई पुरानी किताब पढ़ रहे हों।

शुरुआती चिंगारियां: स्वतंत्रता आंदोलन के पहले ध्वज (1906-1917)

भारत की आजादी की लड़ाई में ध्वज का विचार सबसे पहले 20वीं सदी की शुरुआत में आया। 7 अगस्त 1906 को कोलकाता के पारसी बागान स्क्वायर (अब ग्रीन पार्क) में पहला राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। यह ध्वज लाल, पीले और हरे रंग की तीन पट्टियों वाला था। ऊपर की लाल पट्टी पर आठ सफेद कमल के फूल, बीच की पीली पट्टी पर 'वंदे मातरम' लिखा हुआ और नीचे की हरी पट्टी पर सूर्य और चंद्रमा के चिन्ह थे। यह ध्वज ब्रिटिश शासन के खिलाफ उठती आवाज का प्रतीक था।

Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Web Desk The Khatak

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter