विवाह आमंत्रण के नाम पर साइबर जाल: 'आमंत्रण.apk' से मोबाइल हैकिंग का खतरा, राजस्थान पुलिस की चेतावनी

शादियों के सीजन में साइबर ठग फर्जी ई-निमंत्रण लिंक के जरिए 'आमंत्रण.apk' मैलवेयर भेजकर मोबाइल हैक कर रहे हैं। क्लिक करते ही निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स व ओटीपी चोरी हो जाते हैं। राजस्थान पुलिस ने 5 सुरक्षा टिप्स जारी किए और हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करने की अपील की।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
November 1, 2025 • 4:28 PM  24
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विवाह आमंत्रण के नाम पर साइबर जाल: 'आमंत्रण.apk' से मोबाइल हैकिंग का खतरा, राजस्थान पुलिस की चेतावनी
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विवाह आमंत्रण के नाम पर साइबर जाल: 'आमंत्रण.apk' से मोबाइल हैकिंग का खतरा, राजस्थान पुलिस की चेतावनी

जयपुर, 01 नवंबर। शादियों का सीजन जहां खुशियों की बहार लाता है, वहीं साइबर ठगों के लिए यह सुनहरा मौका बन जाता है। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को एक गंभीर साइबर खतरे से आगाह किया है। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर जारी इस चेतावनी में बताया गया है कि ठग विवाह आमंत्रण (ई-निमंत्रण) और गिफ्ट लिंक के बहाने फर्जी APK फाइलें भेजकर लोगों के मोबाइल को हैक कर रहे हैं। क्लिक करते ही आपकी निजी जानकारी, बैंकिंग डिटेल्स और ओटीपी चोरी हो सकती है, जिससे बड़ी धोखाधड़ी का शिकार बनना पड़ सकता है।ठगों का नया जाल: कैसे काम करता है यह मैलवेयर?उप महानिरीक्षक पुलिस (साइबर क्राइम) विकास शर्मा ने विस्तार से बताया कि अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप्स और ईमेल के माध्यम से आकर्षक ई-निमंत्रण कार्ड भेजते हैं। इनमें अक्सर लिखा होता है – "आपको हमारे विवाह में आमंत्रित किया जाता है" या "शादी की लोकेशन और गिफ्ट लिंक यहां क्लिक करें"। लिंक पर क्लिक करने पर एक APK फाइल डाउनलोड होती है, जिसका नाम आमतौर पर आमंत्रण.apk या इससे मिलता-जुलता होता है।उपयोगकर्ता इसे शादी का डिजिटल कार्ड या लोकेशन मैप समझकर इंस्टॉल कर लेते हैं। लेकिन यह कोई सामान्य ऐप नहीं, बल्कि एक बैकडोर मैलवेयर है जो डिवाइस को पूरी तरह हैक कर लेता है। इंस्टॉलेशन के तुरंत बाद यह ऐप बैकग्राउंड में चलने लगता है और निम्नलिखित अनुमतियां चुपके से हासिल कर लेता है:एसएमएस एक्सेस: आने वाले मैसेज, खासकर बैंकिंग ओटीपी पढ़ना और फॉरवर्ड करना।

कॉन्टैक्ट लिस्ट: सभी संपर्कों की जानकारी चोरी करना।

कैमरा और माइक्रोफोन: यूजर की जासूसी करना।

फाइल्स और स्टोरेज: फोटो, डॉक्यूमेंट्स और पासवर्ड स्टोर फाइलें एक्सेस करना।

लोकेशन ट्रैकिंग: रियल-टाइम लोकेशन भेजना।

इसके बाद मैलवेयर यूजर की सभी संवेदनशील जानकारी को ठगों के सर्वर पर अपलोड कर देता है। ठग इस डेटा का इस्तेमाल करके:बैंक अकाउंट से पैसे ट्रांसफर करना।

क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी।

फर्जी लोन या यूपीआई ट्रांजेक्शन।

ब्लैकमेलिंग के लिए निजी फोटो/वीडियो का दुरुपयोग।

पिछले कुछ महीनों में राजस्थान सहित पूरे देश में ऐसे दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं, जहां लोग शादी के आमंत्रण लिंक क्लिक करके लाखों रुपए गंवा चुके हैं। साइबर क्राइम शाखा के अनुसार, यह ट्रेंड शादियों के पीक सीजन (नवंबर-दिसंबर) में तेजी से बढ़ रहा है।क्यों बन रहा है यह ट्रेंड? विशेषज्ञों की रायसाइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल निमंत्रण का चलन बढ़ने से ठगों को आसान टारगेट मिल रहा है। पारंपरिक कार्ड की जगह ई-कार्ड भेजना सुविधाजनक है, लेकिन इसमें सत्यापन की कमी होती है। ठग फेक प्रोफाइल बनाकर रिश्तेदारों या दोस्तों के नाम से मैसेज भेजते हैं, जिससे विश्वास हो जाता है। APK फाइलें एंड्रॉयड डिवाइस को टारगेट करती हैं क्योंकि 'अज्ञात स्रोतों से इंस्टॉल' विकल्प डिफॉल्ट रूप से ऑन रहता है।पुलिस की 5 महत्वपूर्ण सुरक्षा सलाह: इन्हें अपनाएं, सुरक्षित रहेंसाइबर क्राइम शाखा ने आमजन से अपील की है कि नुकसान से बचने के लिए निम्न उपायों का सख्ती से पालन करें:भेजने वाले की पहचान सुनिश्चित करें: ई-निमंत्रण या लिंक आने पर फोन करके या व्यक्तिगत रूप से कन्फर्म करें कि यह असली है या नहीं। अजनबी या अनजान नंबर से आए लिंक पर कभी क्लिक न करें।

अज्ञात स्रोतों से इंस्टॉलेशन बंद करें: मोबाइल सेटिंग्स > सिक्योरिटी > Install from unknown sources को Disabled रखें। इससे APK फाइलें खुद-ब-खुद इंस्टॉल नहीं होंगी।

केवल आधिकारिक स्टोर से डाउनलोड: ऐप्स हमेशा Google Play Store या Apple App Store से ही इंस्टॉल करें। थर्ड-पार्टी लिंक से बचें।

एंटीवायरस ऐप का उपयोग: विश्वसनीय सिक्योरिटी ऐप जैसे Avast, Kaspersky, Norton या Quick Heal इंस्टॉल करें। नियमित स्कैन करें और रियल-टाइम प्रोटेक्शन ऑन रखें।

संवेदनशील जानकारी शेयर न करें: ओटीपी, पासवर्ड या बैंक डिटेल्स कभी मैसेज या लिंक पर न डालें। दो-कारक प्रमाणीकरण (2FA) चालू करें।

पुलिस ने सलाह दी है कि अगर कोई संदिग्ध लिंक आए तो उसे डिलीट करें और ग्रुप एडमिन को सूचित करें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से जागरूक करें, क्योंकि वे आसानी से शिकार बनते हैं।शिकार हुए? तुरंत करें ये कामअगर आप इस जाल में फंस गए हैं या संदेह है:तुरंत पुलिस से संपर्क करें:साइबर हेल्पलाइन: 1930 (टोल-फ्री)।

ऑनलाइन शिकायत: https://cybercrime.gov.in पर जाएं।

राजस्थान पुलिस हेल्पडेस्क: 9256001930 या 9257510100।

बैंक अकाउंट ब्लॉक करें, पासवर्ड बदलें और डिवाइस को फैक्ट्री रीसेट करें।

प्रभावित ऐप अनइंस्टॉल करें और एंटीवायरस से फुल स्कैन कराएं।

जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियारराजस्थान पुलिस की यह पहल साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शादियों के मौसम में खुशियां बांटते समय सतर्कता बरतें, क्योंकि एक क्लिक आपकी जिंदगी भर की कमाई छीन सकता है। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा, "साइबर ठग भावनाओं का फायदा उठाते हैं, लेकिन जागरूक नागरिक उन्हें कभी कामयाब नहीं होने देंगे।"

 

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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