विवाह आमंत्रण के नाम पर साइबर जाल: 'आमंत्रण.apk' से मोबाइल हैकिंग का खतरा, राजस्थान पुलिस की चेतावनी
शादियों के सीजन में साइबर ठग फर्जी ई-निमंत्रण लिंक के जरिए 'आमंत्रण.apk' मैलवेयर भेजकर मोबाइल हैक कर रहे हैं। क्लिक करते ही निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स व ओटीपी चोरी हो जाते हैं। राजस्थान पुलिस ने 5 सुरक्षा टिप्स जारी किए और हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करने की अपील की।
जयपुर, 01 नवंबर। शादियों का सीजन जहां खुशियों की बहार लाता है, वहीं साइबर ठगों के लिए यह सुनहरा मौका बन जाता है। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को एक गंभीर साइबर खतरे से आगाह किया है। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर जारी इस चेतावनी में बताया गया है कि ठग विवाह आमंत्रण (ई-निमंत्रण) और गिफ्ट लिंक के बहाने फर्जी APK फाइलें भेजकर लोगों के मोबाइल को हैक कर रहे हैं। क्लिक करते ही आपकी निजी जानकारी, बैंकिंग डिटेल्स और ओटीपी चोरी हो सकती है, जिससे बड़ी धोखाधड़ी का शिकार बनना पड़ सकता है।ठगों का नया जाल: कैसे काम करता है यह मैलवेयर?उप महानिरीक्षक पुलिस (साइबर क्राइम) विकास शर्मा ने विस्तार से बताया कि अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप्स और ईमेल के माध्यम से आकर्षक ई-निमंत्रण कार्ड भेजते हैं। इनमें अक्सर लिखा होता है – "आपको हमारे विवाह में आमंत्रित किया जाता है" या "शादी की लोकेशन और गिफ्ट लिंक यहां क्लिक करें"। लिंक पर क्लिक करने पर एक APK फाइल डाउनलोड होती है, जिसका नाम आमतौर पर आमंत्रण.apk या इससे मिलता-जुलता होता है।उपयोगकर्ता इसे शादी का डिजिटल कार्ड या लोकेशन मैप समझकर इंस्टॉल कर लेते हैं। लेकिन यह कोई सामान्य ऐप नहीं, बल्कि एक बैकडोर मैलवेयर है जो डिवाइस को पूरी तरह हैक कर लेता है। इंस्टॉलेशन के तुरंत बाद यह ऐप बैकग्राउंड में चलने लगता है और निम्नलिखित अनुमतियां चुपके से हासिल कर लेता है:एसएमएस एक्सेस: आने वाले मैसेज, खासकर बैंकिंग ओटीपी पढ़ना और फॉरवर्ड करना।
कॉन्टैक्ट लिस्ट: सभी संपर्कों की जानकारी चोरी करना।
कैमरा और माइक्रोफोन: यूजर की जासूसी करना।