राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। मंगलवार को बाड़मेर और अजमेर के कांग्रेस नेता अपनी शिकायतें लेकर जयपुर स्थित PCC वॉर रूम पहुंचे। दोनों ही जिलों से नेताओं ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और कार्यकर्ताओं की कथित उपेक्षा का मुद्दा प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के सामने रखा।
बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन सैकड़ों समर्थकों के साथ पहुंचे और जिले में गुटबाजी खत्म करने की मांग रखी। वहीं अजमेर के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय जैन ने आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ पर अजमेर की राजनीति में दखल देकर पार्टी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
दोनों नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष से कहा कि अगर समय रहते गुटबाजी पर रोक नहीं लगी तो आने वाले निकाय और पंचायत चुनाव में पार्टी को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मेवाराम जैन ने किसके खिलाफ की शिकायत?
बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने कहा कि जिले में गुटबाजी करने वाले व्यक्ति का नाम प्रदेश अध्यक्ष को बता दिया गया है।
जैन ने कहा कि कार्यकर्ता कांग्रेस को मजबूत करने और आपसी गुटबाजी खत्म करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष से मिले हैं। उन्होंने कहा कि पिछले समय में जो कुछ हुआ, उसे भूलकर अब पार्टी को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।
दरअसल, मेवाराम जैन की कांग्रेस में हाल ही में वापसी हुई है। उनकी वापसी का बायतु विधायक और पूर्व मंत्री हरीश चौधरी ने विरोध किया था। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद पहले भी सामने आते रहे हैं।
अजमेर में 'बाहरी व्यक्ति' को लेकर आरोप
अजमेर के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय जैन ने भी पार्टी के अंदर चल रही खींचतान को लेकर प्रदेश अध्यक्ष के सामने अपनी बात रखी।
विजय जैन का आरोप है कि अजमेर में पार्टी के कार्यक्रमों में पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम लिए बिना कहा कि एक बाहरी व्यक्ति अजमेर की राजनीति में दखलअंदाजी कर रहा है और उसकी वजह से पार्टी का सिस्टम खराब हो रहा है।
विजय जैन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ छोटे नेता अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए पार्टी को कमजोर करने का काम कर रहे हैं।
डोटासरा बोले- एक जाजम पर लड़ेंगे चुनाव
पूरे मामले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस एकजुट होकर एक जाजम पर बैठकर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी कार्यकर्ता के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
डोटासरा ने कहा कि हाईकमान का संदेश साफ है कि सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान होना चाहिए और जिसका जहां अधिकार बनता है, उसे उससे वंचित नहीं किया जाएगा।
बाड़मेर को लेकर उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय कुछ मनमुटाव हुआ था। उस वक्त मेवाराम जैन कांग्रेस में नहीं थे। बाद में आलाकमान के फैसले के बाद उनकी पार्टी में वापसी हुई और अब सभी को मिलकर काम करना है।
डोटासरा ने कहा कि बाड़मेर और अजमेर में बैठकर आपसी विवादों को सुलझाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत राज, विधानसभा और लोकसभा चुनाव कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में लड़ती है।
विजय जैन को कारण बताओ नोटिस
दूसरी तरफ, अजमेर में धर्मेंद्र राठौड़ की शिकायत करने वाले पूर्व जिलाध्यक्ष विजय जैन को मौजूदा शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल की ओर से कारण बताओ नोटिस दिए जाने का मामला भी सामने आया है।
राजकुमार जयपाल का आरोप है कि विजय जैन पार्टी विरोधी गतिविधियों और पदाधिकारियों के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजय जैन प्रेशर पॉलिटिक्स के जरिए अपने करीबी 3-4 लोगों को पार्षद का टिकट दिलाना चाहते हैं।
जयपाल के मुताबिक, विजय जैन और उनके साथियों ने करीब 8 महीने से ICC और PCC के कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि विजय जैन की कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर पहले भी PCC अध्यक्ष को जानकारी दी जा चुकी है।
विजय जैन बोले- नोटिस देने का अधिकार PCC अध्यक्ष को
वहीं विजय जैन ने नोटिस को लेकर कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें नोटिस देने का अधिकार सिर्फ राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को है।
मंगलवार को विजय जैन अपने समर्थकों के साथ जयपुर स्थित PCC कार्यालय पहुंचे और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के सामने अपना पक्ष रखा।
अब देखना होगा कि चुनाव से पहले बाड़मेर और अजमेर में सामने आई इस अंदरूनी खींचतान को कांग्रेस नेतृत्व किस तरह सुलझाता है और क्या दोनों जिलों में पार्टी नेताओं को एकजुट करने में कामयाब हो पाता है।