दतिया में कांग्रेस कैसे जीती? जीत के बाद हरीश चौधरी क्यों चर्चा में?
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी के संगठनात्मक मॉडल और चुनावी रणनीति की चर्चा तेज हो गई है। मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी की भूमिका भी सुर्खियों में है। अब सवाल यह है कि क्या दतिया में अपनाई गई रणनीति आने वाले चुनावों में भी कांग्रेस को फायदा पहुंचाएगी।
भोपाल/जयपुर: चुनावी राजनीति में सिर्फ उम्मीदवार ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे काम करने वाली रणनीति भी कई बार जीत और हार तय करती है। मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस की जीत से ज्यादा चर्चा अब उस संगठनात्मक मॉडल की हो रही है, जिस पर पार्टी पिछले कुछ समय से काम कर रही थी। इस पूरी कवायद के केंद्र में मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी और राजस्थान के बायतु विधायक हरीश चौधरी का नाम भी तेजी से उभरकर सामने आया है। दतिया उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी को हराकर जीत दर्ज की। इस जीत के बाद कांग्रेस इसे सिर्फ एक सीट की सफलता नहीं, बल्कि संगठन की मेहनत और चुनावी प्रबंधन का नतीजा बता रही है। वहीं राजनीतिक विश्लेषक भी इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या पार्टी की रणनीति ने वास्तव में चुनाव का रुख बदलने में अहम भूमिका निभाई।
पहली बड़ी परीक्षा, पहली सफलता
मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने के बाद दतिया उपचुनाव हरीश चौधरी के लिए पहली बड़ी चुनावी चुनौती माना जा रहा था। ऐसे में इस जीत ने उनके संगठनात्मक कामकाज को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। कांग्रेस के 'संगठन सृजन अभियान' के तहत बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने और जनता से लगातार संवाद बढ़ाने पर खास जोर दिया गया। पार्टी का दावा है कि इसी मॉडल का असर चुनावी नतीजों में भी देखने को मिला।
बूथ से लेकर मैदान तक सक्रिय रही टीम
चुनाव के दौरान केवल बड़े नेताओं की सभाओं पर नहीं, बल्कि बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखने पर फोकस किया गया। लगातार बैठकों, स्थानीय फीडबैक, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और चुनावी तैयारियों की समीक्षा के जरिए पूरे अभियान को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया गया। इस दौरान सह प्रभारी संजना जाटव ने भी चुनावी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। हालांकि राजनीतिक जानकार मानते हैं कि दतिया की जीत के पीछे स्थानीय मुद्दे और क्षेत्रीय समीकरण भी उतने ही महत्वपूर्ण रहे।