कार खरीदने के बाद भी देना होगा पैसा! सब्सक्रिप्शन-आधारित फीचर्स बदल रहे हैं ऑटो इंडस्ट्री का खेल
ऑटोमोबाइल कंपनियां अब कारों में प्रीमियम हार्डवेयर पहले से उपलब्ध करा रही हैं, लेकिन सीट हीटर, अतिरिक्त परफॉर्मेंस और अन्य स्मार्ट फीचर्स का उपयोग करने के लिए ग्राहकों को मासिक या वार्षिक सब्सक्रिप्शन लेना पड़ रहा है। यह मॉडल ऑटो इंडस्ट्री के बिजनेस सिस्टम में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेजी से डिजिटल और सॉफ्टवेयर-आधारित मॉडल की ओर बढ़ रही है। अब कार निर्माता कंपनियां केवल वाहन बेचने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नई कमाई के लिए सब्सक्रिप्शन-आधारित फीचर्स का मॉडल भी अपना रही हैं। इस मॉडल में कार में कई प्रीमियम हार्डवेयर फीचर्स पहले से मौजूद होते हैं, लेकिन उनका उपयोग करने के लिए ग्राहकों को मासिक या वार्षिक सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है।
क्या हैं सब्सक्रिप्शन-आधारित फीचर्स?
नई पीढ़ी की कारों में सीट हीटर, वेंटिलेटेड सीट्स, एडवांस ड्राइविंग मोड, अतिरिक्त हॉर्सपावर, प्रीमियम इंफोटेनमेंट, नेविगेशन, रिमोट स्टार्ट और अन्य स्मार्ट सुविधाएं पहले से इंस्टॉल रहती हैं। हालांकि, इनका इस्तेमाल तभी किया जा सकता है जब ग्राहक संबंधित फीचर का सब्सक्रिप्शन खरीदता है।