सांभरा ग्राम पंचायत में अवैध पट्टों पर बड़ी कार्रवाई: सरपंच निलंबित, VDO सेड़वा भेजा गया, अन्य गांवों में जांच तेज
राजस्थान के बालोतरा जिले की सांभरा ग्राम पंचायत में अवैध पट्टे जारी करने के मामले में सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। सरपंच को निलंबित कर दिया गया और ग्राम विकास अधिकारी को सेड़वा स्थानांतरित किया गया। जांच में 2021-22 में सरकारी जमीन को आबादी भूमि में परिवर्तित कर 72 अवैध पट्टे जारी करने की अनियमितताएं सामने आईं। आसपास की ग्राम पंचायतों में भी जांच शुरू हो गई है। रिफाइनरी परियोजना के कारण क्षेत्र में जमीन की कीमतों में उछाल से अवैध सौदे बढ़े हैं। सरपंच प्रतिनिधि ने कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया।
देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी के नजदीक राजस्थान के बालोतरा जिले की सांभरा ग्राम पंचायत में अवैध तरीके से जमीन के पट्टे जारी करने के मामले में सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में ग्राम पंचायत सांभरा की सरपंच (वर्तमान प्रशासक) को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं, जबकि ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को सजा के तौर पर सीमावर्ती क्षेत्र सेड़वा भेज दिया गया है। इस कार्रवाई ने न केवल सांभरा बल्कि आसपास की अन्य ग्राम पंचायतों में भी हड़कंप मचा दिया है, जहां समान अनियमितताओं की जांच शुरू हो चुकी है।
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2021-22 के दौरान सांभरा ग्राम पंचायत द्वारा सरकारी जमीन को नियमों को दरकिनार करते हुए आबादी भूमि में परिवर्तित करवाया गया। इसके बाद, कृषि भूमि की DLC (District Level Committee) दरों के आधार पर आबादी भूमि के कुल 72 पट्टे अवैध रूप से जारी किए गए। इन पट्टों को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें सामने आईं, जिसके बाद सरकार ने मामले की गहन जांच शुरू की।
जांच में पाया गया कि सरकारी जमीन को आबादी भूमि में परिवर्तित करने और पट्टे जारी करने की प्रक्रिया में कई अनियमितताएं बरती गईं। नियमों के उल्लंघन और दस्तावेजों में हेराफेरी के आरोपों के आधार पर सांभरा ग्राम पंचायत की सरपंच को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही, ग्राम विकास अधिकारी को APO (Awaiting Posting Order) घोषित करते हुए सेड़वा, जो कि एक सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्र है, में स्थानांतरित कर दिया गया।
सांभरा में हुई इस कार्रवाई के बाद सरकार ने आसपास की अन्य ग्राम पंचायतों पर भी नजरें टेढ़ी कर दी हैं। खेड़, मेवानगर, मंडापूरा, कनाना, पचपदरा, और असाडा जैसी ग्राम पंचायतों के कागजातों की जांच शुरू हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, इन गांवों में भी सरकारी जमीन को आबादी भूमि में परिवर्तित करने और अवैध पट्टे जारी करने की शिकायतें मिली हैं। इस जांच के चलते इन ग्राम पंचायतों के सरपंचों और VDOs में बेचैनी बढ़ गई है, क्योंकि उन्हें डर है कि सांभरा जैसी कार्रवाई उनके खिलाफ भी हो सकती है।