एक सामाजिक प्रथा जो महिलाओं को पुनर्विवाह का हक देती है, लेकिन कहीं यह हक़ जबरन सौदेबाज़ी में तो नहीं बदल रहा?

नाता प्रथा'। इस प्रथा के तहत एक विवाहित या विधवा महिला, किसी दूसरे पुरुष के साथ सामाजिक मान्यता के साथ रह सकती है, बशर्ते कि वह पुरुष महिला के पहले पति या उसके परिवार को तयशुदा राशि दे।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor
May 24, 2025 • 6:46 PM  9
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एक सामाजिक प्रथा जो महिलाओं को पुनर्विवाह का हक देती है, लेकिन कहीं यह हक़ जबरन सौदेबाज़ी में तो नहीं बदल रहा?
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24 May 2025
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एक सामाजिक प्रथा जो महिलाओं को पुनर्विवाह का हक देती है, लेकिन कहीं यह हक़ जबरन सौदेबाज़ी में तो नहीं बदल रहा?

राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के कुछ ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में आज भी एक अनूठी सामाजिक प्रथा प्रचलित है — 'नाता प्रथा'।

 इस प्रथा के तहत एक विवाहित या विधवा महिला, किसी दूसरे पुरुष के साथ सामाजिक मान्यता के साथ रह सकती है, बशर्ते कि वह पुरुष महिला के पहले पति या उसके परिवार को तयशुदा राशि दे। यह रकम 'नाता राशि' कहलाती है।

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor

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