2 लाख में बेच दी अपनी ही बेटी, पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में बचाई जान!
बिहार के अरवल से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। कलयुगी पिता ने अपनी नाबालिग बेटी का 2 लाख रुपए में राजस्थान के पोकरण में सौदा कर दिया। पुलिस ने चाचा की शिकायत पर 60 मिनट में बच्ची को रेस्क्यू कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।



रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने चंद रुपयों की खातिर अपनी ही नाबालिग बेटी की जिंदगी का सौदा कर दिया। बिहार के अरवल जिले की रहने वाली एक नाबालिग लड़की को राजस्थान के पोकरण में 2 लाख रुपए में बेचकर उसकी जबरन शादी करवा दी गई। हालांकि, बच्ची के चाचा की सूझबूझ और पोकरण पुलिस के त्वरित एक्शन के चलते महज 60 मिनट के भीतर नाबालिग को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।
कलयुगी पिता ने सौतेली मां के साथ मिलकर रची साजिश
जानकारी के अनुसार, नाबालिग के पिता ने अपनी दूसरी पत्नी (नाबालिग की सौतेली मां) और कुछ अन्य परिचितों के साथ मिलकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। इन लोगों ने मासूम बच्ची का सौदा पोकरण निवासी टीकमचंद (पुत्र चौथाराम माली) के साथ दो लाख रुपए में तय किया। पैसे मिलने के बाद टीकमचंद ने जबरन नाबालिग के साथ शादी रचा ली और उसे अपने साथ राजस्थान ले आया।
चाचा की शिकायत और पुलिस का 60 मिनट में 'सुपरफास्ट एक्शन'
इस पूरी खरीद-फरोख्त की भनक जब नाबालिग के चाचा को लगी, तो उन्होंने तुरंत पोकरण थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी आपबीती बताई। मामला मानव तस्करी और नाबालिग बच्ची की जिंदगी से जुड़ा होने के कारण जैसलमेर एसपी अभिषेक शिवहरे ने इसे बेहद गंभीरता से लिया।
एएसपी वीरेंद्र सिंह के सुपरविजन में तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने शिकायत दर्ज होने के महज एक घंटे के भीतर पुरोहितसर इलाके में दबिश दी। इस त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने न सिर्फ नाबालिग बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया, बल्कि आरोपी टीकमचंद माली को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया।
बाल कल्याण समिति को सौंपी गई बच्ची, जीरो FIR दर्ज
रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पुलिस ने नाबालिग को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया, जहां से बच्ची को सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया गया है।
चूंकि यह पूरा अपराध मूल रूप से बिहार के अरवल जिले से शुरू हुआ था, इसलिए पोकरण पुलिस ने तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए मामले में 'जीरो एफआईआर' (Zero FIR) दर्ज की है। आगे की विस्तृत जांच के लिए यह केस अरवल थाना पुलिस (बिहार) को ट्रांसफर कर दिया गया है।
अब इन सवालों के जवाब तलाशेगी पुलिस
इस मामले के तार अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े होने की आशंका है। अरवल पुलिस अब इस बात की तफ्तीश करेगी कि:
इस पूरे 2 लाख रुपए के सौदे में पिता और दूसरी पत्नी के अलावा कौन-कौन बिचौलिए शामिल थे?
नाबालिग को बिहार से इतनी दूर राजस्थान के पोकरण तक कैसे और किन रास्तों से लाया गया?
क्या इस गिरोह ने पहले भी इस तरह की अन्य घटनाओं को अंजाम दिया है?
फिलहाल मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे है और पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की इलाके में काफी तारीफ हो रही है।













































