एआई चैटबॉट्स कैसे बदल रहे हैं त्योहारों की शॉपिंग को? क्रिसमस और न्यू ईयर में नई क्रांति!

त्योहारों के मौके पर दुनिया भर में लोग एआई चैटबॉट्स की मदद से गिफ्ट्स और सामान की शॉपिंग कर रहे हैं। ये टूल्स प्रोडक्ट सुझाव देते हैं, तुलना करते हैं और खरीदारी आसान बनाते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2030 तक चैटबॉट्स से लाखों करोड़ की शॉपिंग हो सकती है। ओपन एआई ने शॉपिफाई और वॉलमार्ट से पार्टनरशिप की है, जबकि अमेजन ने कुछ एआई टूल्स को ब्लॉक किया है। साथ ही, एआई के बढ़ते प्रभाव से फिजिकल स्टोर्स में ह्यूमन इंटरैक्शन की अहमियत भी बढ़ रही है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
December 13, 2025 • 1:05 PM  20
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एआई चैटबॉट्स कैसे बदल रहे हैं त्योहारों की शॉपिंग को? क्रिसमस और न्यू ईयर में नई क्रांति!
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13 Dec 2025
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एआई चैटबॉट्स कैसे बदल रहे हैं त्योहारों की शॉपिंग को? क्रिसमस और न्यू ईयर में नई क्रांति!

दुनिया भर में त्योहारों का मौसम आते ही लोग गिफ्ट्स और जरूरी सामान की खरीदारी में जुट जाते हैं। क्रिसमस हो या नया साल, हर कोई बेहतर डील्स, सही प्रोडक्ट्स और आसान खरीदारी की तलाश में रहता है। लेकिन अब यह प्रक्रिया बदल रही है – लोग एक नई 'शक्ति' का इस्तेमाल कर रहे हैं: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चैटबॉट्स। ये चैटबॉट्स, जैसे चैटजीपीटी, यूजर्स की जरूरतों को समझते हैं, प्रोडक्ट्स की लिस्ट तैयार करते हैं, उनकी तुलना करते हैं, रिव्यूज दिखाते हैं और यहां तक कि सीधे खरीदारी में मदद करते हैं। यह न केवल समय बचाता है, बल्कि खरीदारी को ज्यादा पर्सनलाइज्ड और स्मार्ट बनाता है।

हॉलिडे सीजन में एआई का बढ़ता इस्तेमाल 2025 के हॉलिडे सीजन में एआई टूल्स का इस्तेमाल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। विभिन्न सर्वे और रिपोर्ट्स के अनुसार:शॉपिफाई के 2025 ग्लोबल हॉलिडे रिटेल रिपोर्ट में पाया गया कि कई देशों में उपभोक्ता एआई का इस्तेमाल प्रोडक्ट डिस्कवरी और गिफ्ट आइडियाज के लिए कर रहे हैं। एक रिपोर्ट में 64% उपभोक्ताओं (और जेन जेड में 84%) ने कहा कि वे हॉलिडे शॉपिंग के लिए एआई की मदद लेंगे। सेल्सफोर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल ग्लोबल ऑनलाइन हॉलिडे सेल्स में एआई का योगदान करीब 263 बिलियन डॉलर (लगभग 220 लाख करोड़ रुपये) का हो सकता है, जो कुल ऑर्डर्स का 21% है। अन्य सर्वे (जैसे वीजा, जेटा ग्लोबल) दिखाते हैं कि 40% से 83% उपभोक्ता हॉलिडे शॉपिंग में एआई का इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं – मुख्य रूप से डील्स ढूंढने, गिफ्ट आइडियाज लेने और प्रोडक्ट्स की तुना करने के लिए। एडोब की रिपोर्ट में एआई से रिटेल साइट्स पर ट्रैफिक 515-520% बढ़ने का अनुमान है, जो दर्शाता है कि लोग अब सर्च इंजन की बजाय चैटबॉट्स से शॉपिंग शुरू कर रहे हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि एआई अब शॉपिंग का एक जरूरी हिस्सा बन चुका है, खासकर युवा पीढ़ी के लिए।

भविष्य की बड़ी तस्वीर: एआई से कितनी शॉपिंग होगी? एक बड़ा सवाल यह है कि एआई शॉपिंग इंडस्ट्री को कितना बदल देगा। विभिन्न रिपोर्ट्स में अनुमान है कि आने वाले सालों में चैटबॉट्स और कन्वर्सेशनल एआई के जरिए ग्लोबल ई-कॉमर्स में बड़ा हिस्सा होगा। हालांकि सटीक आंकड़े अलग-अलग हैं:चैटबॉट मार्केट खुद 2030 तक 27-36 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। एआई इन ई-कॉमर्स का मार्केट 17-40 बिलियन डॉलर तक। कुल ग्लोबल ई-कॉमर्स 2030 तक 28-47 ट्रिलियन डॉलर का हो सकता है, जिसमें एआई का बड़ा रोल होगा।ये अनुमान दर्शाते हैं कि एआई न केवल मदद कर रहा है, बल्कि शॉपिंग की पूरी प्रक्रिया को ट्रांसफॉर्म कर रहा है – पर्सनलाइज्ड रेकमेंडेशंस से लेकर डायरेक्ट पर्चेज तक।

कंपनियों की रेस: पार्टनरशिप्स और चुनौतियां कंपनियां इस मार्केट को कैप्चर करने की होड़ में हैं:ओपनएआई की पार्टनरशिप्स: ओपनएआई ने शॉपिफाई और एटसी के साथ करार किया है, जिससे चैटजीपीटी में 'इंस्टेंट चेकआउट' फीचर आया। यूजर्स अब चैटजीपीटी में ही एटसी और लाखों शॉपिफाई मर्चेंट्स (जैसे स्किम्स, ग्लोसियर) से प्रोडक्ट्स खरीद सकते हैं। हाल ही में वॉलमार्ट ने भी पार्टनरशिप की घोषणा की, जिससे जल्द ही वॉलमार्ट प्रोडक्ट्स चैटजीपीटी से डायरेक्ट खरीदे जा सकेंगे। ओपनएआई ट्रांजेक्शंस पर फीस लेगा, जो उसका नया रेवेन्यू सोर्स बनेगा। गूगल और अन्य: गूगल भी एआई शॉपिंग टूल्स पर फोकस कर रहा है। चुनौतियां: सब कुछ आसान नहीं है। अमेजन ने ओपनएआई के एजेंट्स को अपनी साइट से डेटा एक्सेस ब्लॉक कर दिया है और पर्प्लेक्सिटी एआई पर मुकदमा किया है। अमेजन का आरोप है कि पर्प्लेक्सिटी का 'कॉमेट' ब्राउजर इंसान की तरह साइट पर घूमकर शॉपिंग करता है, जो उनके टर्म्स का उल्लंघन है। यह डेटा प्राइवेसी और कंपटीशन की बड़ी बहस छेड़ रहा है।

फिजिकल स्टोर्स की वापसी: ह्यूमन टच की अहमियत एआई के बढ़ते प्रभाव के बावजूद, एक दिलचस्प ट्रेंड उभर रहा है – लोग ऑनलाइन शॉपिंग के साथ-साथ फिजिकल स्टोर्स को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। कारण? ह्यूमन इंटरैक्शन। विभिन्न सर्वे में 30% उपभोक्ता चिंता जता रहे हैं कि एआई से ह्यूमन कनेक्शन कम हो रहा है। शॉपिफाई और अन्य रिपोर्ट्स में उपभोक्ता कह रहे हैं कि वे शॉपिंग में पर्सनल टच चाहते हैं – जैसे स्टोर असिस्टेंट्स से बात करना, प्रोडक्ट्स को छूकर देखना।

इससे फिजिकल स्टोर्स को नया मौका मिल रहा है: शानदार डिस्प्ले, बेहतर सर्विस और एआई के साथ हाइब्रिड एक्सपीरियंस। 

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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