विवाद की जड़: खेत में रास्ते का पुराना झगड़ा घटना कानपुर रोड निवासी हरि गुर्जर और उनके चाचा लक्ष्मण गुर्जर के बीच कई महीनों से चले आ रहे विवाद से जुड़ी है। दोनों पक्षों के खेत आपस में सटे हुए हैं, और रास्ते की चौड़ाई व उपयोग को लेकर बार-बार तनाव पैदा होता रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह विवाद परिवार के भीतर ही था, लेकिन छोटी-छोटी बातों पर गाली-गलौज और धमकियां आम हो गई थीं। दोनों पक्ष गुर्जर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और इलाके में उनकी अच्छी-खासी जमीन-जायदाद है।घटना की शुरुआत उस समय हुई जब हरि गुर्जर और लक्ष्मण गुर्जर खेत में आमने-सामने आ गए। बातचीत जल्द ही गरमागरम बहस में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच जोरदार गाली-गलौज शुरू हो गई। इसी दौरान लक्ष्मण गुर्जर के परिवार के दो युवक – जिनकी पहचान अभी पुलिस जांच के दायरे में है – मौके पर पहुंचे। गुस्से में आकर उन्होंने हरि गुर्जर के पुत्र राजेंद्र पर कुल्हाड़ी से सिर के ऊपर वार कर दिया। हमले की तीव्रता इतनी थी कि राजेंद्र बुरी तरह घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। पिता हरि गुर्जर उन्हें बचाने दौड़े, लेकिन हमलावरों ने उन पर भी कुल्हाड़ी से प्रहार किया, जिससे वे भी गंभीर चोटिल हो गए।
हमलावरों की फरारी और घायलों की स्थिति; हमला करने के तुरंत बाद दोनों आरोपी बाइक पर सवार होकर तेजी से मौके से भाग निकले। स्थानीय लोगों ने शोर मचाया और आसपास के ग्रामीणों की मदद से घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया। दोनों को गंभीर हालत में JLN अस्पताल अजमेर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनकी सर्जरी शुरू कर दी है। राजेंद्र के सिर पर गहरी चोट लगी है, जबकि हरि गुर्जर की हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है, दोनों की जान को फिलहाल खतरा नहीं है, लेकिन पूर्ण रूप से ठीक होने में समय लगेगा।
पुलिस की कार्रवाई: गिरफ्तारियां और जांच घटना की सूचना मिलते ही श्रीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने शांति भंग और मारपीट के आरोप में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनमें विवाद से जुड़े परिवार के अन्य सदस्य शामिल हो सकते हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि हमलावरों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और इलाके में नाकाबंदी की जा रही है। CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे।पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 323 (मारपीट), 504 (जानबूझकर अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही, आर्म्स एक्ट के तहत कुल्हाड़ी को हथियार मानकर अतिरिक्त धाराएं लगाई जा सकती हैं। विवाद के पुराने रिकॉर्ड की भी छानबीन की जा रही है, ताकि जड़ तक पहुंचा जा सके।