पहाड़ों में आफत, मैदानों में खौफ! अगले कुछ घंटे हरिद्वार के लिए क्यों हैं बेहद खतरनाक?

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में जारी मूसलाधार बारिश के चलते हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और यह चेतावनी के निशान के करीब पहुँच गया है। नदी के बढ़ते वेग को देखते हुए जिला प्रशासन ने क्षेत्र की सभी बाढ़ चौकियों को चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर रख दिया है। तटीय बस्तियों और घाटों पर लाउडस्पीकर से मुनादी कराकर श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को नदी के पास न जाने की हिदायत दी जा रही है। SDRF और राहत टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है, क्योंकि पहाड़ों में आगे भी भारी बारिश के आसार से जलप्रलय का खतरा मंडरा रहा है।

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TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor
July 30, 2026 • 3:41 PM  240
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पहाड़ों में आफत, मैदानों में खौफ! अगले कुछ घंटे हरिद्वार के लिए क्यों हैं बेहद खतरनाक?

हरिद्वार: जब पहाड़ों की गोद में आसमान फटने लगे, तो मैदानी इलाकों की धड़कनें बढ़ना तय है। उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में हो रही लगातार मूसलाधार आफत ने हरिद्वार में खौफ का माहौल बना दिया है। पवित्र गंगा नदी रौद्र रूप धारण कर चुकी है और इसका उफनता पानी अब चेतावनी के निशान को छूने की होड़ में है। नदी का यह आक्रामक रुख देखकर पूरे शहर में प्रशासनिक अमला सड़कों पर उतर आया है।

चौकियों पर मुस्तैदी, घाटों पर सन्नाटा करने की तैयारी

पहाड़ों से बहकर आ रहे पानी के प्रचंड वेग ने हरिद्वार के तटीय इलाकों में रहने वालों की रातें हराम कर दी हैं। नदी के जलस्तर में हो रही तेजी से बढ़ोतरी को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन यूनिट और पुलिस पूरी तरह हरकत में आ चुकी है। हरिद्वार क्षेत्र में तैनात सभी फ्लड आउटपोस्ट्स (बाढ़ चौकियों) को 24 घंटे की कड़ी निगरानी पर लगा दिया गया है। लाउडस्पीकर के जरिए तटीय बस्तियों, घाटों और निचले इलाकों में मुनादी कराई जा रही है। हरकी पैड़ी और अन्य प्रमुख स्नान घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को चेतावनी दी जा रही है कि वे पानी के तेज बहाव के करीब न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर बने रहें।

SDRF अलर्ट पर, कंट्रोल रूम से पल-पल की निगरानी

गंगा के बढ़ते वेग को देखते हुए जल पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और राहत-बचाव टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी के आंकड़े और नदी के स्तर पर कंट्रोल रूम से सीधी नजर रखी जा रही है। अगर जलस्तर चेतावनी के निशान को पार करता है, तो निचले इलाकों को तुरंत खाली कराने की आपात योजना भी तैयार है।

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