यूट्यूबर अरमान मलिक की बढ़ी मुश्किलें: पटियाला कोर्ट ने दी समन, चार शादियों और धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

पटियाला जिला कोर्ट ने यूट्यूबर अरमान मलिक और उनकी पत्नियों पायल और कृतिका को 2 सितंबर को पेश होने का समन जारी किया है। दविंदर राजपूत की याचिका में अरमान पर चार शादियां करने और हिंदू विवाह अधिनियम का उल्लंघन करने का आरोप है। इसके अलावा, पायल पर मां काली का रूप धारण कर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप है। अरमान और पायल ने माफी मांगी, लेकिन कोर्ट का फैसला इस विवाद का भविष्य तय करेगा।

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TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor
August 13, 2025 • 6:37 PM  43
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यूट्यूबर अरमान मलिक की बढ़ी मुश्किलें: पटियाला कोर्ट ने दी समन, चार शादियों और धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
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13 Aug 2025
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यूट्यूबर अरमान मलिक की बढ़ी मुश्किलें: पटियाला कोर्ट ने दी समन, चार शादियों और धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

यूट्यूबर और बिग बॉस OTT 3 के प्रतियोगी अरमान मलिक और उनकी दो पत्नियों, पायल मलिक और कृतिका मलिक, को पंजाब के पटियाला जिला कोर्ट ने दो अलग-अलग मामलों में तलब किया है। कोर्ट ने तीनों को 2 सितंबर 2025 को पेश होने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई दविंदर राजपूत नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका के जवाब में हुई है, जिसमें अरमान पर चार शादियां करने और हिंदू विवाह अधिनियम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, पायल मलिक पर एक वीडियो में मां काली का रूप धारण कर धार्मिक भावनाएं आहत करने का भी आरोप है। यह मामला अरमान और उनके परिवार की लगातार विवादों में घिरने की प्रवृत्ति को और उजागर करता है।

दविंदर राजपूत की याचिका

दविंदर राजपूत ने अपनी याचिका में दावा किया कि अरमान मलिक ने न केवल दो, बल्कि चार शादियां की हैं, जो हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 5 का उल्लंघन है। यह अधिनियम हिंदू धर्म का पालन करने वालों के लिए एक समय में केवल एक विवाह की अनुमति देता है। याचिका में कहा गया है कि अरमान की बहुपत्नी प्रथा अवैध है और इसके लिए सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा, याचिका में पायल मलिक के एक इंस्टाग्राम वीडियो का जिक्र है, जिसमें उन्होंने मां काली का रूप धारण किया था। याचिकाकर्ता ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला और भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध बताया।

मां काली वीडियो विवाद

पायल मलिक का मां काली के रूप में बनाया गया वीडियो, जिसमें वह त्रिशूल और मुकुट जैसे धार्मिक प्रतीकों के साथ नजर आईं, जुलाई 2025 में वायरल हुआ और भारी विवाद का कारण बना। कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं के खिलाफ माना और इसकी कड़ी आलोचना की। विवाद बढ़ने पर अरमान और पायल ने सार्वजनिक माफी मांगने की कोशिश की। 22 जुलाई को दोनों ने पटियाला के काली माता मंदिर में जाकर प्रार्थना की और माफी मांगी। अगले दिन, 23 जुलाई को, वे मोहाली के खरड़ में एक अन्य काली मंदिर पहुंचे, जहां पायल ने सात दिन की धार्मिक सजा स्वीकार की, जिसमें मंदिर की सफाई और अन्य अनुष्ठान शामिल थे। इसके बाद, दोनों हरिद्वार गए और निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी से क्षमा मांगी। हालांकि, इस दौरान पायल की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें मोहाली के एक अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।

अरमान मलिक का विवादास्पद जीवन

अरमान मलिक, जिनका असली नाम संदीप है, हरियाणा के हिसार के रहने वाले हैं। दिल्ली में एक निजी बैंक में काम करने के बाद उन्होंने यूट्यूब पर कंटेंट क्रिएशन शुरू किया और जल्द ही अपनी अनोखी जीवनशैली के कारण सुर्खियों में आ गए। अरमान ने 2011 में पायल मलिक से शादी की और 2018 में उनकी सबसे अच्छी दोस्त कृतिका मलिक से दूसरी शादी की। दोनों पत्नियों के साथ उनके चार बच्चे—चिरायु, तुबा, अयान, और जैद—हैं। इस असामान्य पारिवारिक ढांचे ने उन्हें बिग बॉस OTT 3 में 21 जून 2024 को प्रवेश दिलाया, जहां वे सबसे चर्चित प्रतियोगी रहे। हालांकि, उनकी जीवनशैली को लेकर लगातार विवाद भी सामने आते रहे हैं।
अक्टूबर 2024 में खबरें आईं कि अरमान ने अपनी बच्चों की देखभाल करने वाली लक्ष्मी के साथ तीसरी शादी की। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई, लेकिन अरमान ने एक तस्वीर साझा कर लिखा, “लोगों का काम है आपको जज करना, लेकिन आपका घर हेटर्स से नहीं चलता।” याचिकाकर्ता दविंदर राजपूत ने दावा किया कि अरमान की चौथी शादी भी हो चुकी है, जो उनकी याचिका का आधार है।

कानूनी और सामाजिक प्रभाव

पटियाला कोर्ट का यह समन अरमान मलिक और उनके परिवार के लिए गंभीर कानूनी चुनौती पेश करता है। हिंदू विवाह अधिनियम के उल्लंघन का आरोप, अगर सिद्ध हो जाता है, तो गंभीर दंड का कारण बन सकता है। इसके अलावा, धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 295A के तहत दंडनीय है, जिसमें तीन साल तक की जेल हो सकती है। यह मामला न केवल अरमान के व्यक्तिगत जीवन पर सवाल उठाता है, बल्कि सोशल मीडिया प्रभावित करने वालों की जिम्मेदारी और धार्मिक संवेदनशीलता पर भी बहस छेड़ता है।इस विवाद ने समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति संवेदनशीलता की जरूरत को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएटर्स को धार्मिक प्रतीकों का उपयोग करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। अरमान और पायल की माफी और धार्मिक अनुष्ठानों ने कुछ हद तक जनता का गुस्सा शांत करने की कोशिश की, लेकिन कोर्ट का फैसला अब इस मामले का भविष्य तय करेगा।

TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor

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