गहलोत ने कहा कि वे चाहते हैं कि भजनलाल शर्मा पूरे पांच साल मुख्यमंत्री बने रहें ताकि जनता स्वयं सरकार के कामकाज का आकलन कर सके। उन्होंने दावा किया कि प्रदेशभर में लोगों के बीच सरकार को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राजस्थान में कानून-व्यवस्था कमजोर हुई है और विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि जनता को उम्मीद थी कि डबल इंजन की सरकार बेहतर शासन देगी, लेकिन लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम नहीं मिले हैं।
गहलोत ने कहा कि प्रदेश में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों में शिकायतें बढ़ रही हैं। उन्होंने सरकार से गांवों और कस्बों में जाकर लोगों की राय जानने की सलाह भी दी।
भ्रष्टाचार और विकास कार्यों पर उठाए सवाल
अशोक गहलोत ने कहा कि वे यह दावा नहीं करते कि उनके कार्यकाल में पूरी तरह भ्रष्टाचार समाप्त था, लेकिन वर्तमान समय में भ्रष्टाचार को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने सड़कों की स्थिति, विकास कार्यों में देरी और ठेकेदारों के भुगतान से जुड़े मुद्दों को भी उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई विभागों में भुगतान लंबित होने से छोटे ठेकेदारों और विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। साथ ही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों को समय पर भुगतान नहीं मिलने की बात भी कही।
पंचायत और निकाय चुनाव पर सरकार को घेरा
गहलोत ने पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव कराने में देरी को लेकर सरकार विभिन्न कारण बता रही है। उनका आरोप था कि चुनाव समय पर कराने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाए रखने के लिए स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव समय पर होना जरूरी है।
अन्नपूर्णा योजना बंद करने पर जताई नाराजगी
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के दौरान शुरू की गई अन्नपूर्णा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं को जारी रखा जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो योजनाओं में बदलाव कर सकती है, लेकिन लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाएं बंद नहीं होनी चाहिए।
केंद्र सरकार की नीतियों पर भी टिप्पणी
अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार की विदेश नीति, पेपर लीक मामलों और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
पेपर लीक मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे बड़ी संख्या में युवाओं के भविष्य पर असर पड़ा है। उन्होंने युवाओं से जागरूक रहने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भागीदारी बढ़ाने की अपील की।
युवाओं को AI और राजनीति में भागीदारी का संदेश
गहलोत ने युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकों का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में ज्ञान और तकनीकी समझ सबसे बड़ी ताकत है। साथ ही युवाओं को राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया।
अजमेर दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर कई कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे।