ज़मीन का एक टुकड़ा और खेत में मिली लाश... आख़िर कौन था वो?

ज़मीन के एक छोटे से टुकड़े की रंजिश ने एक बुजुर्ग की ज़िंदगी छीन ली। रोज़ की तरह खेत गए बुजुर्ग जब देर तक घर नहीं लौटे, तो परिजनों को उनका लहूलुहान शव मिला। चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक ने ठीक एक महीने पहले ही पुलिस में गुहार लगाकर अपनी हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण वही हुआ जिसका डर था। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि क्या यह सिर्फ ज़मीनी विवाद था या इसके पीछे कोई और खौफनाक साज़िश छिपी है?

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TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor
August 1, 2026 • 12:55 PM  270
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1 Aug 2026
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ज़मीन का एक टुकड़ा और खेत में मिली लाश... आख़िर कौन था वो?

बाड़मेर :ज़मीन का एक टुकड़ा और सालों पुरानी रंजिश... जब इन दोनों के बीच प्रशासन की अनदेखी आ मिलती है, तो उसका अंजाम कितना ख़ौफ़नाक हो सकता है, इसकी एक ताज़ा मिसाल देखने को मिली है। खेत में काम करने गए एक बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हैरान करने वाली बात यह है कि यह कोई अचानक हुआ हादसा नहीं था। मृतक बुजुर्ग ने ठीक एक महीने पहले ही पुलिस के सामने अपनी जान का ख़तरा जताया था। उन्होंने साफ़ कहा था कि उनकी हत्या हो सकती है, लेकिन उनकी इस पुकार को अनसुना कर दिया गया।

खेत में पसरा सन्नाटा और बिखरा ख़ून

रोज़ की तरह बुजुर्ग सुबह अपने खेत के लिए निकले थे। जब काफी देर तक वे घर नहीं लौटे, तो घरवालों को अनहोनी की आशंका हुई। घबराए परिजन जब तलाशते हुए खेत पहुंचे, तो वहाँ का नज़ारा देखकर उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। बुजुर्ग की लाश ज़मीन पर पड़ी थी और शरीर पर चोट के गंभीर निशान थे। साफ़ दिख रहा था कि हमलावरों ने बेहद दरिंदगी से इस वारदात को अंजाम दिया था। ख़बर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

चेतावनी को किया गया नज़रअंदाज़

पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि ज़मीन की सरहद को लेकर दूसरे पक्ष से काफी समय से विवाद चल रहा था। लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर बुजुर्ग ने महीने भर पहले पुलिस थाने के चक्कर काटे थे, लिखित शिकायत दी थी और सुरक्षा की गुहार लगाई थी। अब सवाल उठना लाज़मी है कि अगर वक्त रहते उस शिकायत पर कार्रवाई हो जाती, तो क्या आज एक बेगुनाह की जान बचाई नहीं जा सकती थी?

TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor

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