बाड़मेर में हेल्थ ऑफिसरों का धरना: 19 महीने से लंबित इंसेंटिव और विलंबित सैलरी पर फूटा गुस्सा, CMHO कार्यालय पर जमकर नारेबाजी

बाड़मेर में CHOs ने 19 महीने से लंबित इंसेंटिव और समय पर न मिलने वाली सैलरी के खिलाफ CMHO ऑफिस के बाहर धरना दिया, जमकर नारेबाजी की और मांगें पूरी न होने पर हड़ताल की चेतावनी दी।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 11, 2025 • 9:57 AM  7
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
बाड़मेर में हेल्थ ऑफिसरों का धरना: 19 महीने से लंबित इंसेंटिव और विलंबित सैलरी पर फूटा गुस्सा, CMHO कार्यालय पर जमकर नारेबाजी
“बाड़मेर में हेल्थ ऑफिसरों का धरना: 19 महीने से लंबित इंसेंटिव और विलंबित सैलरी पर फूटा गुस्सा, CMHO कार्यालय पर जमकर नारेबाजी”
Favicon
Read more on thekhatak.com
11 Nov 2025
https://thekhatak.com/barmer-cho-protest-19-months-incentive-delay-cmho-dharna
Google News
Copied
बाड़मेर में हेल्थ ऑफिसरों का धरना: 19 महीने से लंबित इंसेंटिव और विलंबित सैलरी पर फूटा गुस्सा, CMHO कार्यालय पर जमकर नारेबाजी

बाड़मेर, 11 नवंबर 2025: राजस्थान के बाड़मेर जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) यानी हेल्थ ऑफिसरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय के परिसर में धरने पर बैठ गए। जिले भर से सैकड़ों CHO एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए सरकार की लापरवाही के खिलाफ आवाज बुलंद की। उनका मुख्य आरोप है कि पिछले 19 महीनों से इंसेंटिव का भुगतान नहीं हो रहा है, जबकि सैलरी भी समय पर नहीं मिलती। यह प्रदर्शन ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत इन कर्मचारियों की आर्थिक और कार्यस्थितिगत कठिनाइयों को उजागर करता है, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाते हैं।

प्रदर्शन का पूरा परिदृश्य: सुबह से शाम तक चला धरना सुबह करीब 10 बजे धरना शुरू हुआ। बाड़मेर जिला अस्पताल के बाहर CHOs ने बैनर और पोस्टर लगाकर अपनी मांगें स्पष्ट कीं। जिले के सभी 150 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों से प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनकी संख्या लगभग 500 तक पहुंच गई। प्रदर्शनकारियों ने "इंसेंटिव दो, काम करो कैसे?", "सैलरी में देरी बंद करो" और "CHO की मांगें पूरी करो" जैसे नारे लगाए। दोपहर तक धरना चरम पर पहुंचा, जब CHOs ने CMHO कार्यालय का घेराव किया। पुलिस ने हल्की तैनाती की, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। शाम को प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता के बाद धरना समाप्त हुआ, लेकिन CHOs ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज होगा। इस दौरान 200 से अधिक शिकायत पत्र सौंपे गए, जिसमें व्यक्तिगत मामलों का जिक्र था।

मुख्य मांगें: इंसेंटिव से लेकर स्थायी नौकरी तक CHOs की मांगें स्पष्ट और जायज हैं, जो उनके दैनिक संघर्षों से उपजी हैं। इनमें शामिल हैं:19 महीने से लंबित इंसेंटिव का भुगतान: राज्य सरकार ने 2020 में CHOs के लिए मासिक 10,000 से 15,000 रुपये तक का प्रदर्शन-आधारित इंसेंटिव घोषित किया था, लेकिन COVID-19 के बाद से यह केवल कागजों पर सिमट गया। 2021 से अब तक कोई भुगतान नहीं हुआ।,समय पर सैलरी और ग्रेड पे में सुधार: CHOs को वर्तमान में 25,000 रुपये मासिक वेतन मिलता है, जिसमें ग्रेड पे मात्र 2,800 रुपये है। यह अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की तुलना में कम है, और देरी से भुगतान आर्थिक संकट पैदा कर रहा है।,कार्यस्थलों पर बेहतर सुविधाएं: स्वास्थ्य केंद्रों में उपकरण, दवाइयों और स्टाफ की कमी दूर करना।,स्थायी नौकरी का दर्जा: CHOs संविदा पर कार्यरत हैं, जिससे असुरक्षा बनी रहती है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter