बाड़मेर मेडिकल कॉलेज टेंडर घोटाला: जयपुर से पहुंची जांच टीम ने सील कमरों से दस्तावेज जब्त किए, SDM ने दिए 2-3 दिन पूरे होने के संकेत

बाड़मेर मेडिकल कॉलेज के 9 करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले में जयपुर से आई विशेष जांच टीम ने छापेमारी कर सील कमरों से 50+ फाइलें व डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए। टेंडर हेरफेर, बिना कार्य के 2 करोड़ भुगतान और निम्न गुणवत्ता सामग्री के बिल सामने आए। एसडीएम ने 2-3 दिनों में जांच पूरी करने का आश्वासन दिया; निर्माण कार्य रोके गए।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
October 28, 2025 • 12:36 PM  245
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बाड़मेर मेडिकल कॉलेज टेंडर घोटाला: जयपुर से पहुंची जांच टीम ने सील कमरों से दस्तावेज जब्त किए, SDM ने दिए 2-3 दिन पूरे होने के संकेत
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28 Oct 2025
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बाड़मेर मेडिकल कॉलेज टेंडर घोटाला: जयपुर से पहुंची जांच टीम ने सील कमरों से दस्तावेज जब्त किए, SDM ने दिए 2-3 दिन पूरे होने के संकेत

बाड़मेर, 28 अक्टूबर 2025: राजस्थान के बाड़मेर जिले में राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण से जुड़े कथित 9 करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले ने अब नया मोड़ ले लिया है। जयपुर से विशेष जांच टीम के पहुंचने के बाद मंगलवार को बड़े पैमाने पर छापेमारी की गई, जिसमें सील बंद कमरों से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। स्थानीय प्रशासन ने इस मामले की प्रारंभिक जांच तेज कर दी है, जबकि एसडीएम ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पूरी जांच 2-3 दिनों में पूरी हो जाएगी। यह घोटाला न केवल सरकारी निर्माण कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर रहा है, बल्कि डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बढ़ते तनाव को भी रेखांकित कर रहा है।

घोटाले का पृष्ठभूमि: 9 करोड़ का टेंडर और अनियमितताएं  बाड़मेर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा है, लेकिन हाल ही में सामने आए दस्तावेजों से पता चला है कि लगभग 9 करोड़ रुपये के टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। आरोप है कि टेंडर आवंटन में पक्षपात बरता गया, निम्न गुणवत्ता वाले ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब स्थानीय डॉक्टरों और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के बीच एक हॉट बहस हुई। डॉक्टरों का आरोप है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाने पर उन्हें धमकियां मिलीं, जिसके बाद मामला एसडीएम के कार्यालय तक पहुंच गया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि टेंडर दस्तावेजों में हेरफेर किया गया था, जिससे ठेकेदारों को अनुचित लाभ मिला। बाड़मेर मेडिकल कॉलेज, जो दूरस्थ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बनाया जा रहा है, अब भ्रष्टाचार के दलदल में फंस गया लगता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह के घोटाले स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास को बाधित कर रहे हैं, जहां पहले से ही डॉक्टरों की कमी है।

जयपुर से जांच टीम का आगमन: दो स्तरीय जांच की शुरुआत  मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से एक विशेष जांच टीम सोमवार रात को बाड़मेर पहुंची। यह टीम चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा लोक निर्माण विभाग (PWD) के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर गठित की गई हैं  जिन्होंने स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया। मंगलवार सुबह होते ही टीम ने मेडिकल कॉलेज परिसर में छापेमारी शुरू कर दी। सबसे पहले सील बंद कमरों—जिनमें टेंडर फाइलें, वित्तीय रिकॉर्ड और निर्माण संबंधी दस्तावेज रखे गए थे—को खोला गया। इन कमरों को पहले ही विवाद के बाद सील किया गया था, ताकि कोई छेड़छाड़ न हो सके। जांच टीम ने लगभग 50 से अधिक फाइलें और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए, जिनमें टेंडर बोली के विवरण, ठेकेदारों के अनुबंध और भुगतान रसीदें शामिल हैं। इसके अलावा, टीम ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, निर्माण इंजीनियरों और कुछ ठेकेदारों से पूछताछ की, जिससे पारदर्शिता प्रभावित हुई। जयपुर टीम के अलावा, स्थानीय स्तर पर भी एक सात सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता बाड़मेर के एसडीएम कर रहे हैं। यह दो स्तरीय जांच सुनिश्चित करेगी कि कोई तथ्य छूट न जाए।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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